शुक्र, 16 अक्टू. 2026

CGKhabar

एक तरफ अवैध निर्माण पर बुलडोजर, दूसरी तरफ 'पीएम स्वनिधि' की सराहना

C

CG Khabar

01 जून 2026, 06:53 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

मोदी
मोदी

कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की नई सरकार द्वारा राज्यभर में चलाए जा रहे व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 'पीएम स्वनिधि' योजना के छह साल पूरे होने पर इसकी जमकर सराहना की. प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि इस योजना ने रेहड़ी-पटरी वालों को बिना गारंटी के ऋण, वित्तीय समावेशन और विकास के नए अवसर देकर उनके जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है. उन्होंने इसे विश्वास, सम्मान और सशक्तिकरण की योजना बताते हुए सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं दीं.


यह बयान ऐसे समय में आया है जब बंगाल में, विशेष रूप से कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में, सरकारी जमीन और सार्वजनिक स्थानों से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने बुलडोजर और अर्थमूवर उतार दिए हैं. हाल ही में हावड़ा स्टेशन इलाके से करीब 150 अवैध स्टालों और 200 के करीब हॉकरों को हटाया गया है, जिनमें से कई दुकानें दशकों से वहां संचालित हो रही थीं.


इस कार्रवाई को लेकर राज्य में अब जमकर सियासत शुरू हो गई है. भाजपा का आरोप है कि राज्य में पिछले 15 वर्षों के तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शासनकाल में इन अवैध अतिक्रमणकारियों को राजनीतिक संरक्षण दिया गया. 


दूसरी ओर, विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गरीबों के सपनों को रौंदने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है. टीएमसी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि प्रभावित दुकानदारों को कोई पूर्व नोटिस नहीं दिया गया था. 


पार्टी ने मांग की है कि किसी को भी हटाने से पहले उनके उचित पुनर्वास, वैकल्पिक आवास और सम्मानजनक आजीविका की व्यवस्था की जानी चाहिए. इस बीच, प्रभावित हॉकरों का कहना है कि अगर उन्हें रोजगार का कोई दूसरा साधन नहीं दिया गया, तो उनके सामने भुखमरी और आत्महत्या जैसी स्थिति पैदा हो जाएगी.


गौरतलब है कि बंगाल में हॉकर-उच्छेद का इतिहास नया नहीं है. इससे पहले वाम मोर्चा सरकार के समय 'ऑपरेशन सनशाइन' और बाद में ममता बनर्जी के कार्यकाल में भी ऐसे अभियान चलाए जा चुके हैं, हालांकि ये कार्रवाइयां अक्सर अस्थायी ही साबित हुई हैं.


इस पूरे विवाद के केंद्र में आई 'पीएम स्वनिधि' (प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि) योजना की शुरुआत जून 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान की गई थी. केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय तथा वित्तीय सेवा विभाग द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य रेहड़ी-पटरी वालों को किफायती कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करना है. 


सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक देशभर के 75.5 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को 17,800 करोड़ रुपये से अधिक के 1.12 करोड़ से ज्यादा बिना गारंटी के लोन बांटे जा चुके हैं.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP