बंगाल में IAS अफसरों की नियुक्तियों पर राहुल ने कहा- BJP-ECI में 'साठगांठ'
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए नौकरशाही फेरबदल और नई नियुक्तियों को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के नए मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार की नियुक्तियों पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग (ECI) के बीच 'साठगांठ' का खेल अब खुलकर सामने आ गया है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर हिंदी में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "भाजपा-EC के 'चोर बाजार' में जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा ईनाम."
विवाद की जड़ में 1990 बैच के दो आईएएस अधिकारियों, मनोज अग्रवाल और सुब्रत गुप्ता की नियुक्तियां हैं. मनोज अग्रवाल, जिन्होंने हालिया विधानसभा चुनावों के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के रूप में कार्य किया था, उन्हें राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है.
वहीं, सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का मुख्य सलाहकार बनाया गया है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इन नियुक्तियों को 'निर्लज्ज मिलीभगत' का प्रमाण बताया है. रमेश का आरोप है कि चुनाव आयोग ने निष्पक्षता ताक पर रखकर विशेष रूप से भाजपा को लाभ पहुँचाने के लिए काम किया.
कांग्रेस का दावा है कि चुनाव से पहले 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के नाम पर पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची से लगभग 91 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए और करीब 27 लाख लोगों को मतदान से वंचित कर दिया गया.
पार्टी का कहना है कि इन अधिकारियों को उनकी इन्ही 'सेवाओं' के बदले अब बड़े पदों से नवाजा जा रहा है. जयराम रमेश ने कहा कि अब इस गठबंधन को गुप्त रखने की कोशिश भी नहीं की जा रही है. 10 मई को हुए इस प्रशासनिक फेरबदल ने बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जहाँ विपक्ष अब चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठा रहा है.