रायपुर में दो महीने धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध
रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर दो महीने तक किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन या सभा पर रोक लगा दी गई है. प्रशासन ने इसे रखरखाव कार्य से जुड़ा अस्थायी निर्णय बताया है.
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जानकारी दी कि इस अवधि में स्थल का रखरखाव किया जाएगा और इसके लिए स्थल को प्राधिकरण को सौंप दिया गया है.
जिला कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अगला आदेश आने तक यहां कोई सार्वजनिक सभा या प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा. हालांकि, प्रशासन की ओर से किसी वैकल्पिक धरना स्थल की घोषणा अब तक नहीं की गई है.
इससे राजनीतिक दलों, संगठनों और नागरिक समूहों के लिए अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखने का मंच फिलहाल उपलब्ध नहीं रहेगा.
लोकतंत्र से जुड़ा प्रश्न
रायपुर नागरिक मंच ने सरकार के इस निर्णय की आलोचना करते हुए कहा है कि भारत का संविधान नागरिकों को शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने और अपनी बात रखने का मौलिक अधिकार देता है. ऐसे में, धरना स्थलों की उपलब्धता केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक ढांचे का प्रतीक मानी जाती है.
नागरिक मंच ने कहा है कि प्रशासनिक दृष्टि से यह निर्णय रखरखाव कार्य का हिस्सा हो सकता है, लेकिन सवाल यह भी उठता है कि क्या इस दौरान विरोध और अभिव्यक्ति के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए थी? तूता धरना स्थल, जो राज्य स्तरीय आंदोलनों और जनसंगठनों की आवाज़ का प्रमुख केंद्र रहा है, अब दो महीने के लिए बंद रहेगा. यह विराम तकनीकी कारणों से सही हो सकता है, लेकिन प्रदर्शन के लिए जगह का न होना दुखद है.