निर्मला सीतारमण ने चिदंबरम के 'लूटने' का दावा खारिज किया
मदुरै । डेस्क: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के उस आरोप का खंडन किया कि केंद्र सरकार ने आठ वर्षों तक उच्च GST दरों के जरिए जनता को लूटा और अब सुधार ला रही है.
उन्होंने कहा कि पहले की GST दरें न तो पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली, न ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न ही NDA सरकार ने तय की थीं. यह निर्णय सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों की सशक्त समिति ने लिया था, जिसमें सभी दलों के प्रतिनिधि शामिल थे.
मदुरै में तमिलनाडु खाद्यान्न व्यापारी संघ के 80वें स्थापना दिवस पर बोलते हुए सीतारमण ने कहा, "प्रत्येक राज्य में वैट, अधिभार और अन्य करों की दरें अलग-अलग थीं. इसलिए, औसत दर तय की गई थी. अब जाकर इसे युक्तिसंगत करने का अवसर मिला है."
उन्होंने चिदंबरम का नाम लिए बिना उनके हालिया 'X' पोस्ट का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि यदि 5% GST दर अब उचित है, तो पिछले आठ वर्षों तक 12% दर क्यों लगाई गई.
सीतारमण ने कहा कि GST कर आधार 2017 में केवल 65 लाख था, जो अब बढ़कर 1.51 करोड़ हो गया है, जिससे राजस्व 7.5 लाख करोड़ से बढ़कर 22.5 लाख करोड़ रुपये हो गया.
उन्होंने कहा, "कर आधार के विस्तार ने यह संभव किया." उन्होंने यह भी बताया कि 375 वस्तुओं की GST दरें कम की गई हैं. केंद्र सरकार ने आयकर छूट सीमा को 12 लाख रुपये तक बढ़ाकर जनता को राहत दी है.
वित्त मंत्री ने कहा कि GST सुधारों से लोगों के हाथ में 2 लाख करोड़ रुपये आए हैं, जो सेमीकंडक्टर और ऑटो सेक्टर के लिए उत्पादन प्रोत्साहन से 10 गुना अधिक है. इससे उत्पादन और रोजगार बढ़ेगा, जिससे कर आधार और व्यापक होगा. उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है.
सीतारमण ने कहा कि भविष्य में GST दरें और कम हो सकती हैं, लेकिन वर्तमान में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खपत पैटर्न अलग होने के कारण ऐसा संभव नहीं है.