शुक्र, 16 अक्टू. 2026

CGKhabar

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा नया तनाव

C

CG Khabar

25 जुल. 2026, 03:30 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य

नई दिल्ली । डेस्क: ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका पर होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए एक नया समुद्री मार्ग जबरन खोलने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. तेहरान का दावा है कि अमेरिका का यह कदम जून में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय अंतरिम शांति समझौते और समझौता ज्ञापन (MoU) का सीधा उल्लंघन है, जिससे इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है. 


ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को स्थानीय मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि जून समझौते के तहत तेहरान के पास इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के पारगमन मार्गों और तंत्रों को तय करने का पूर्ण अधिकार है. 


अराघची ने जोर देकर कहा कि किसी भी नए मार्ग को लेकर वाशिंगटन को तेहरान से परामर्श करना चाहिए था, क्योंकि दोनों पक्षों ने ऐसे विवादों को सुलझाने के लिए एक सीधा संचार माध्यम स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की थी.


यह नया कूटनीतिक और सैन्य तनाव ऐसे समय में सामने आया है जब हफ्तों तक एक-दूसरे के ठिकानों पर लगातार किए गए हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के कुछ शुरुआती संकेत दिखाई दे रहे थे. शनिवार की रात को वाशिंगटन की ओर से प्रमुख ईरानी शहरों पर कोई प्रत्यक्ष हवाई हमला नहीं किया गया, जिससे लगातार दो हफ्तों से जारी रात के हमलों से नागरिकों को राहत मिली. 

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन करमानपुर ने सोशल मीडिया पर इस शांतिपूर्ण रात की पुष्टि की. इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख में भी कुछ नरमी देखी गई है. 


ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान पर नए और "व्यापक" सैन्य हमलों की अब शायद तुरंत आवश्यकता नहीं है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने शुक्रवार रात कहा कि ईरानी अधिकारी अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत कर रहे हैं और यद्यपि वे अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं, लेकिन वाशिंगटन भी उनकी बात सुनने के लिए तैयार है.


तनाव के बावजूद दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थों के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान जारी है. हालांकि, गहरे अविश्वास और मूलभूत मतभेदों के कारण बातचीत में अभी बहुत बड़ी प्रगति नहीं हुई है. वर्तमान संघर्ष का सबसे मुख्य केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बना हुआ है. 


ईरान का मानना है कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय करना चाहिए और केवल निर्दिष्ट मार्गों का ही उपयोग करना चाहिए. 


दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने इस दावे को खारिज करते हुए ईरान की नाकाबंदी के जवाब में उसके प्रमुख बंदरगाहों को फिर से घेर लिया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स के अनुसार, अमेरिकी सेना ने अब तक कई जहाजों को मोड़ा है और चेतावनी की अनदेखी करने वाले टैंकरों को निष्क्रिय भी किया है. 


विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका इस समय कूटनीति, आर्थिक नाकाबंदी और सैन्य दबाव का मिला-जुला रुख अपना रहा है. दूसरी ओर, लाल सागर में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों और सऊदी अरब की जवाबी सैन्य कार्रवाई ने इस पूरे क्षेत्रीय संकट को और अधिक जटिल बना दिया है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP