रेलवे का नया नियम: व्हाट्सएप पर टिकट का स्क्रीनशॉट मान्य नहीं
रायपुर । संवाददाता: चलती ट्रेन में सफर के दौरान व्हाट्सएप पर टिकट का स्क्रीनशॉट दिखाना एक महिला यात्री को बेहद भारी पड़ गया. रेलवे अधिकारियों ने डिजिटल टिकट के इस रूप को अमान्य घोषित करते हुए यात्री पर जुर्माना ठोक दिया है. इस घटना के बाद दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने डिजिटल टिकटिंग को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
यह मामला कोरबा से रायपुर आ रही ट्रेन संख्या 18517 कोरबा–विशाखापट्टनम लिंक एक्सप्रेस का है. ट्रेन के कोरबा स्टेशन से शाम 4:10 बजे रवाना होने के बाद जब महिला यात्री अंकिता (परिवर्तित नाम) ने ट्रेन में टिकट चेकिंग स्टाफ को देखा, तो उन्होंने आनन-फानन में अपने भाई से संपर्क किया. उनके भाई ने 'रेलवन ऐप' (RailOne App) के जरिए एक अनारक्षित टिकट बुक किया और उसका स्क्रीनशॉट अंकिता के व्हाट्सएप पर भेज दिया.
जब टिकट जांच दल ने मोबाइल पर उस स्क्रीनशॉट को देखा, तो पाया कि टिकट ट्रेन के छूटने के काफी बाद, यानी शाम 4:45 बजे बुक किया गया था. रेलवे के नियमों के मुताबिक, व्हाट्सएप पर दिखाया गया टिकट का स्क्रीनशॉट वैध नहीं माना जाता है.
इस आधार पर चेकिंग स्टाफ ने यात्री को बिना वैध टिकट के यात्रा करने का दोषी पाया और उन पर जुर्माना लगा दिया. बाद में यात्री ने स्वीकार किया कि उन्हें इस नियम की जानकारी नहीं थी कि डिजिटल अनारक्षित टिकट केवल उसी मोबाइल डिवाइस पर 'रेलवन ऐप' के भीतर ही दिखाया जाना अनिवार्य है, जिससे उसे बुक किया गया है.
इस कार्रवाई के साथ ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने आम जनता को सचेत किया है कि बिना वैध या अनियमित टिकट के यात्रा करने पर लगने वाले न्यूनतम जुर्माने की राशि को 19 जून 2026 से बढ़ा दिया गया है.
पहले जहां न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये था, उसे अब सीधे दोगुना कर 500 रुपये कर दिया गया है. रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे असुविधा और जुर्माने से बचने के लिए हमेशा केवल अधिकृत ऐप के जरिए ही अपना वैध डिजिटल टिकट दिखाएं.