नेस्ले अपने सभी उत्पादों से हटाएगी आर्टिफिशियल कलर
नई दिल्ली । डेस्क: खाद्य क्षेत्र की दिग्गज कंपनी नेस्ले ने स्वास्थ्य और पोषण की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है. कंपनी साल 2026 के अंत तक वैश्विक स्तर पर अपने सभी उत्पादों से कृत्रिम रंगों (आर्टिफिशियल फूड कलरिंग्स) को पूरी तरह से हटा देगी. रॉयटर्स को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कंपनी के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर स्टीफन पाल्ज़र ने इस वैश्विक लक्ष्य की पुष्टि की है.
इसके साथ ही नेस्ले इस तरह का कड़ा और व्यापक कदम उठाने वाली दुनिया की पहली बड़ी फूड कंपनी बन गई है.
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पैकेज्ड फूड कंपनियों पर हेल्दी उत्पाद बनाने का भारी दबाव है. खासकर वजन घटाने वाली दवाओं (GLP-1) के बढ़ते चलन और खाद्य सामग्री को लेकर उपभोक्ताओं की बढ़ती जागरूकता ने कंपनियों को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर किया है.
नेस्ले इससे पहले अमेरिका में अपने पोर्टफोलियो से कृत्रिम रंगों को पहले ही हटा चुकी है, लेकिन अब इस मुहिम को पूरी दुनिया में लागू किया जा रहा है.
कंपनी के तकनीकी प्रमुख स्टीफन पाल्ज़र ने बताया कि यह निर्णय इतना आसान नहीं था. इसके लिए कंपनी को सालों तक व्यापक रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) करना पड़ा है.
प्राकृतिक विकल्पों की खोज करने, उत्पादन के दौरान उनके परीक्षण और उत्पादों की शेल्फ-लाइफ को बनाए रखने में काफी निवेश किया गया है. पाल्ज़र के अनुसार, उपभोक्ता अब सरल और प्राकृतिक सामग्री से बने उत्पाद पसंद कर रहे हैं, जिसे देखते हुए यह बदलाव किया गया है.
गौरतलब है कि सिंथेटिक रंगों और कॉर्न सिरप जैसे तत्वों को लेकर वैश्विक स्तर पर बहस तेज है.
अमेरिका में भी स्वास्थ्य विभागों द्वारा कृत्रिम रंगों के बच्चों में एडीएचडी (ADHD), मोटापे और मधुमेह जैसी समस्याओं से संभावित जुड़ाव को लेकर चिंताएं जताई गई हैं.
निवेशकों की चिंताओं और सेहत के प्रति जागरूक होते ग्राहकों की मांग के बीच नेस्ले का यह कदम आने वाले दिनों में खाद्य उद्योग के लिए एक नया मानक तय कर सकता है.