नक्सलवाद: विचारधारा नहीं, हिंसा खत्म करना है प्राथमिकता- टीएस सिंह देव
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने नक्सली हिंसा को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने कहा कि देश में नक्सली हिंसा की घटनाओं में लगातार कमी आ रही है और अब सरकार का ध्यान नक्सली विचारधारा को पूरी तरह खत्म करने के बजाय, उससे जुड़ी हिंसा को नियंत्रित करने पर केंद्रित हो गया है.
टीएस सिंह देव ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य अब विचारधारा के साथ युद्ध नहीं, बल्कि हिंसक गतिविधियों पर पूर्ण नियंत्रण पाना है. उन्होंने यह भी कहा कि यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में इस विचारधारा से जुड़े लोग अपनी हिंसक गतिविधियों को जारी रख पाते हैं या नहीं.
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब केंद्र सरकार ने मार्च 2026 तक भारत को 'नक्सल मुक्त' बनाने का लक्ष्य रखा है.
इसी कड़ी में सोमवार को लोकसभा में देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने के प्रयासों पर चर्चा की जाएगी, जिसकी शुरुआत शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे करेंगे.
गृह मंत्री अमित शाह पहले ही कई मौकों पर 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने की प्रतिबद्धता दोहरा चुके हैं.
हाल के दिनों में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है, जिसमें 25 मार्च को ओडिशा में मोस्ट वांटेड माओवादी नेता सुकरू सहित पांच नक्सलियों का आत्मसमर्पण शामिल है. हिंसा में आ रही यह गिरावट और नक्सलियों का मुख्यधारा में लौटना सरकार के अभियान के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.