सौरमंडल में घुसा रहस्यमयी पिंड
नई दिल्ली । डेस्क: हवाई द्वीप समूह में नासा के ATLAS कैमरे ने 1 जुलाई को सौरमंडल में एक रहस्यमयी बाहरी पिंड का पता लगाया है. यह पिंड 60 किलोमीटर प्रति सेकंड की गति से सूरज की ओर बढ़ रहा है.
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह तीसरी बार है जब सौरमंडल में किसी बाहरी पिंड का प्रवेश हुआ है. इसे थ्रीआई/एटलस या सी/2025 एन1 नाम दिया गया है.
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पिंड धूमकेतु जैसा दिखता है और संभवतः किसी अन्य तारे से उत्पन्न हुआ है.
अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ के माइनर प्लैनेट सेंटर ने इसे 2 जुलाई को ‘इंटरस्टेलर’ घोषित किया, जिसका अर्थ है कि यह सौरमंडल का हिस्सा नहीं है और केवल इसके बीच से गुजर रहा है.
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इसका व्यास 10 से 20 किलोमीटर है, जो अब तक का सबसे बड़ा इंटरस्टेलर पिंड है.
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के रिचर्ड मॉइसल के अनुसार, यह अक्टूबर 2025 तक सूरज के सबसे नजदीक पहुंचेगा, जब यह पृथ्वी-सूरज की दूरी से दोगुना दूरी पर होगा.
अप्रैल 2026 तक इसकी गति 90 किलोमीटर प्रति सेकंड हो जायेगी. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह पृथ्वी के लिये कोई खतरा नहीं है. अगले साल तक इसे शक्तिशाली टेलीस्कोप से देखा जा सकेगा, लेकिन इसके बाद यह धीरे-धीरे दृष्टि से ओझल हो जायेगा.