मप्र: सीधी में बुजुर्ग दंपति को हाथियों ने कुचला, इस साल अब तक 6 मौतें
भोपाल । डेस्क: मध्य प्रदेश में हाथी और इंसानों के बीच बढ़ता संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है. सोमवार तड़के सीधी जिले में हाथियों के हमले में एक बुजुर्ग दंपति की दर्दनाक मौत हो गई. इस ताजा घटना के साथ ही इस साल राज्य में हाथी के हमलों में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है.
यह दर्दनाक हादसा सीधी जिले के गजरा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले चिंगी गांव में रात करीब 2 बजे हुआ. खबरों के अनुसार, जंगली हाथियों के एक झुंड ने अचानक एक मकान को घेरकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया और वहां रह रहे दंपत्ति पर हमला कर दिया. हमले में 60 वर्षीय भैयालाल यादव और उनकी 58 वर्षीय पत्नी तिलिया यादव की मौके पर ही मौत हो गई. वन अधिकारियों का अनुमान है कि इस हमले के पीछे पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से आए चार हाथियों के झुंड की एक हथनी शामिल थी, जो हाल ही में इस इलाके में दाखिल हुई है.
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया. आक्रोशित ग्रामीणों ने शुरुआत में शवों को उठाने से भी इनकार कर दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि ये हाथी रविवार दोपहर से ही इलाके में घूम रहे थे. मृतक दंपत्ति ने सुरक्षा की गुहार लगाते हुए पास की वन चौकी (फॉरेस्ट आउटपोस्ट) से शरण मांगी थी, लेकिन उन्हें कथित तौर पर वहां से भगा दिया गया. वन विभाग की इसी कथित लापरवाही को लेकर लोग भारी सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे.
स्थिति को बिगड़ता देख जिला प्रशासन के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कराया. सीधी के कलेक्टर विकास मिश्रा ने बताया कि मृतकों के परिजनों को प्रति व्यक्ति 8 लाख रुपये (कुल 16 लाख रुपये) की मुआवजा राशि प्रदान कर दी गई है. इसके साथ ही, वन विभाग के कर्मचारियों पर लगे लापरवाही के आरोपों की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि पुनर्वास योजनाओं के तहत इस पूरे गांव को पहले ही दूसरी जगह शिफ्ट किया जा चुका था और इस परिवार को भी मुआवजा और जमीन मिल चुकी थी. इसके बावजूद, यह इकलौता परिवार अभी भी जंगल के बीच स्थित इस पुराने मकान में रह रहा था. भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने एक आपातकालीन समीक्षा बैठक भी बुलाई है.
छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में हाथियों की बढ़ती आवाजाही ने सरकार और वन विभाग की चिंताएं बढ़ा दी हैं. इस साल अब तक कुल 6 लोग हाथियों का शिकार बन चुके हैं. इससे पहले शहडोल-अनूपपुर के वन क्षेत्रों में चार लोगों की जान जा चुकी है, जिसमें पिछले महीने शहडोल में मारा गया एक किसान भी शामिल है.
वन विभाग लगातार छत्तीसगढ़ से आने वाले हाथियों के मूवमेंट पर नजर रख रहा है और प्रभावित इलाकों में अलर्ट जारी कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद जनहानि रोकने में मुश्किलें आ रही हैं.File Photo.