ट्रंप के दबाव में झुकी मोदी सरकार, US से पहली बार LPG खरीदेगा भारत
नई दिल्ली । डेस्क: डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के आगे सिर झुकाया मोदी सरकार ने सोमवार को इसी तरह का संकेत मिला है. पहली बार अमेरिका से LPG खरीदने की तैयारी में है नई दिल्ली. भारतीय राज्य-संचालित तेल कंपनियों ने इस संबंध में एक वर्षीय अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने इस कदम को 'ऐतिहासिक शुरुआत' करार दिया. जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौतों पर चर्चा चल रही है, ठीक उसी समय यह घोषणा की गई.
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने सोमवार को अपने एक्स हैंडल पर एक लंबा पोस्ट साझा किया. उन्होंने लिखा, 'यह एक ऐतिहासिक शुरुआत है. दुनिया के सबसे बड़े और तेजी से बढ़ते LPG बाजारों में से एक का द्वार अमेरिका के लिए खुल गया है. हमने अपने LPG आयात स्रोतों को और अधिक विविधता प्रदान की है. इसका उद्देश्य देश की जनता के लिए किफायती दाम पर LPG की आपूर्ति सुनिश्चित करना है.'
मंत्री ने बताया कि 2026 अनुबंध वर्ष में भारत की राज्य-संचालित तेल कंपनियां अमेरिका से कुल 2.2 मिलियन टन LPG आयात करेंगी. यह देश की कुल वार्षिक LPG आयात का लगभग 10 प्रतिशत होगा. दोनों पक्षों ने अनुबंध में अमेरिकी खाड़ी तटीय क्षेत्र से इस ईंधन के आयात को बाध्यकारी बनाया है.
पेट्रोलियम ईंधन के मामले में भारत मुख्य रूप से आयात पर निर्भर है. 2024 में देश की कुल जरूरत का 65 प्रतिशत LPG विदेशों से आयात किया गया था. अब तक मुख्य रूप से पश्चिम एशियाई देशों से ही यह गैस मंगाई जाती रही है. अब इस सूची में अमेरिका का नाम जुड़ गया है.
यह समझौता भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न केवल ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि वैश्विक बाजार में भारत की सौदेबाजी की क्षमता भी मजबूत होगी. हालांकि, ट्रंप प्रशासन के व्यापारिक दबाव को लेकर राजनीतिक बहस भी छिड़ सकती है.