भारत में माइक्रोसॉफ्ट का ₹1.58 लाख करोड़ का महानिवेश
नई दिल्ली । डेस्क: माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने भारत के AI भविष्य के लिए बुनियादी ढांचा और संप्रभु क्षमताएं विकसित करने हेतु $17.5 अरब (लगभग ₹1.58 लाख करोड़) के निवेश की घोषणा की है. यह प्रतिबद्धता एशिया में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है और पिछले दो महीनों में भारत में घोषित तीसरी बड़ी AI-संचालित फंडिंग है.
माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि यह नया निवेश 2026 से 2029 के बीच लागू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य जनसंख्या स्तर पर AI के प्रसार को बढ़ावा देना है. नडेला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद 'X' पर कहा, "देश की आकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए, माइक्रोसॉफ्ट भारत के AI-पहले भविष्य के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे, कौशल और संप्रभु क्षमताओं के निर्माण में मदद करने के लिए $17.5 अरब की प्रतिबद्धता जता रहा है यह एशिया में हमारा अब तक का सबसे बड़ा निवेश है."
यह घोषणा हाल ही में किए गए दो अन्य बड़े AI निवेशों के बाद आई है:
गूगल ने 14 अक्टूबर को अदानी समूह के साथ साझेदारी में भारत का सबसे बड़ा डेटा सेंटर स्थापित करने सहित एक AI हब बनाने के लिए अगले पांच वर्षों में $15 अरब के निवेश की योजना का अनावरण किया.
डिजिटल कनेक्शन, जो ब्रुकफील्ड, रिलायंस इंडस्ट्रीज और डिजिटल रियल्टी का एक संयुक्त उद्यम है, ने भी $11 अरब की निवेश योजना की घोषणा की.
इससे पहले, अमेज़न ने भी मई 2023 में तेलंगाना और महाराष्ट्र में अपने क्लाउड और AI बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए 2030 तक $12.7 अरब के निवेश की योजना की घोषणा की थी.
माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में AI-कुशल प्रतिभा विकसित करने के अपने लक्ष्य को दोगुना कर दिया है, अब 2030 तक 10 मिलियन के बजाय 20 मिलियन भारतीयों को आवश्यक AI कौशल से लैस करने का लक्ष्य है. कंपनी की ADVANTA(I)GE India पहल के माध्यम से, जनवरी 2025 से अब तक 5.6 मिलियन लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है.
कंपनी ने यह भी घोषणा की कि उसका हैदराबाद स्थित इंडिया साउथ सेंट्रल क्लाउड रीजन 2026 के मध्य में लाइव होने वाला है, जो भारत में उसका सबसे बड़ा हाइपरस्केल रीजन होगा.
देश में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) शासन को लागू करने की तैयारी के बीच, माइक्रोसॉफ्ट भारतीय ग्राहकों के लिए संप्रभु सार्वजनिक क्लाउड (Sovereign Public Cloud) और संप्रभु निजी क्लाउड (Sovereign Private Cloud) पेश कर रहा है. इसके अतिरिक्त, माइक्रोसॉफ्ट 365 कोपायलट 2025 के अंत तक भारत में इन-कंट्री डेटा प्रोसेसिंग की पेशकश करेगा. इन कदमों से AI क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ने और DPDP नियम 2025 के प्रभावी होने से पहले देश में और अधिक निवेश आने की उम्मीद है.
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट का यह ऐतिहासिक निवेश भारत के दुनिया के लिए एक विश्वसनीय प्रौद्योगिकी भागीदार के रूप में उदय का संकेत देता है और यह साझेदारी देश की डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे से AI सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की ओर छलांग को गति देगी.
माइक्रोसॉफ्ट ने श्रम और रोजगार मंत्रालय के दो प्रमुख डिजिटल सार्वजनिक प्लेटफॉर्म, ई-श्रम और राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) में भी उन्नत AI क्षमताओं को एकीकृत करने की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य 310 मिलियन से अधिक अनौपचारिक श्रमिकों तक AI का लाभ पहुंचाना है.