MDMK महासचिव वाइको ने पीएम श्री योजना का किया कड़ा विरोध
चेन्नई । डेस्क: MDMK के महासचिव वाइको ने केंद्र सरकार की 'पीएम श्री' (PM SHRI) योजना के तहत तीन-भाषा फॉर्मूले को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने तमिल नाडु के मुख्यमंत्री विजय से सीधे तौर पर अपील करते हुए आग्रह किया है कि राज्य में इस योजना को किसी भी कीमत पर लागू न होने दिया जाए.
वाइको ने इस कदम को केंद्र सरकार द्वारा तमिलनाडु पर हिंदी थोपने का एक और प्रयास करार दिया है.
एक तीखे बयान में एमडीएमके नेता ने कहा कि तमिलनाडु की जनता और विशेष रूप से युवाओं ने मुख्यमंत्री विजय पर बड़े भरोसे के साथ दांव लगाया है.
उन्होंने सीएम विजय से कहा, "यदि आप अपनी सरकार को वास्तव में जनता की सरकार बनाना चाहते हैं, तो आपको पीएम श्री योजना को कभी स्वीकार नहीं करना चाहिए."
वाइको ने चेतावनी दी कि इस योजना को मंजूरी देना उन आंदोलनकारियों का अपमान और उनके साथ विश्वासघात होगा, जिन्होंने राज्य में हिंदी विरोधी आंदोलनों के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी थी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि मुख्यमंत्री इस योजना का विरोध करते हैं, तो तमिल-चेतना से जुड़े लोग उनकी सरकार के पीछे एक सुरक्षा कवच बनकर खड़े रहेंगे.
अपने बयान में वाइको ने 1938 और 1965 के ऐतिहासिक हिंदी विरोधी आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि इन संघर्षों ने तमिलनाडु की राजनीतिक और भाषाई पहचान को गढ़ा है.
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुरई (पेरारिग्नार अन्ना) के दो-भाषा (तमिल और अंग्रेजी) नीति के रुख को याद दिलाते हुए कहा कि इसके बाद की सभी राज्य सरकारों ने इसी नीति का पालन किया है.
वाइको ने आरोप लगाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार अब पीएम श्री योजना के बहाने पिछले दरवाजे से तीन-भाषा नीति थोपकर हिंदी को राज्य में लाना चाहती है. इसके साथ ही उन्होंने तमिल नाडु के मंत्री राजमोहन द्वारा इस योजना के विरोध में दिए गए हालिया बयान का स्वागत भी किया.