इंदौर में भीषण अग्निकांड: 7 की मौत, इलेक्ट्रॉनिक लॉक बने काल
इंदौर । डेस्क: इंदौर के ब्रजेश्वरी एनेक्स क्षेत्र में बुधवार तड़के एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ एक तीन मंजिला आवासीय इमारत में लगी भीषण आग ने एक ही परिवार के सात सदस्यों की जान ले ले ली. मृतकों में 12 साल की एक बच्ची भी शामिल है.
पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आग सुबह करीब 4:00 बजे घर के बाहर खड़े एक इलेक्ट्रिक वाहन के चार्जिंग पॉइंट में हुए विस्फोट के कारण लगी. यह आग इतनी तेजी से फैली कि घर के अंदर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला.
स्थिति तब और भयावह हो गई जब घर में रखे लगभग 10 एलपीजी सिलेंडरों में से कुछ में एक के बाद एक धमाके होने शुरू हो गए.
बचाव कार्य में जुटी टीमों को सबसे बड़ी चुनौती घर में लगे आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक लॉकिंग सिस्टम से मिली. बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद बिजली गुल हो गई, जिसके कारण ये लॉक जाम हो गए और लोग अंदर ही फंस कर रह गए.
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पीड़ित बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन तकनीक की विफलता उनके लिए जानलेवा साबित हुई. दमकल कर्मियों ने बगल की इमारत के सहारे घर में प्रवेश किया और तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन तब तक छह लोग धुएं और दम घुटने के कारण अचेत हो चुके थे, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया.
यह मकान पॉलीमर व्यापारी मनोज पुगालिया का था. आशंका जताई जा रही है कि घर में एलपीजी के अलावा अन्य ज्वलनशील सामग्री भी मौजूद थी, जिसने आग की तीव्रता को बढ़ा दिया.
मृतकों की पहचान विजय सेठिया, छोटू सेठिया, सुमन, मनोज पुगालिया, सिमरन, राशि और टीनू के रूप में हुई है. वहीं सौरभ, आशीष और हर्षित गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में जीवन की जंग लड़ रहे हैं.
इस घटना ने रिहायशी इलाकों में ईवी चार्जिंग की सुरक्षा पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है. मौके पर पहुंचे राज्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसे 'ईवी युग' के लिए एक गंभीर चेतावनी बताया है.
उन्होंने पुलिस कमिश्नर को विशेषज्ञों की एक समिति बनाने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ईवी चार्जिंग हेतु एक सख्त 'स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर' (SOP) तैयार किया जा सके.