वेनेजुएला में भीषण भूकंप: 164 की मौत और 700 से अधिक घायल
नई दिल्ली । डेस्क: वेनेजुएला में आए दो लगातार शक्तिशाली भूकंपों ने देश में भारी तबाही मचाई है, जिसमें कम से कम 164 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 700 लोग घायल हुए हैं. बुधवार शाम को आए इन भूकंपों की तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 7.2 और 7.5 मापी गई. वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने इस आपदा की पुष्टि करते हुए चेतावनी दी है कि मलबे में दबे लोगों की तलाश और राहत कार्य जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है.
भूकंप का केंद्र राजधानी काराकास के पश्चिम में था, जिसके झटकों से दर्जनों इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं. राष्ट्रपति रोड्रिग्ज के अनुसार, ला गुएरा राज्य इस आपदा से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है और उसे आपदा क्षेत्र घोषित कर दिया गया है. फिलहाल आपातकालीन टीमें मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के कठिन कार्य में जुटी हुई हैं.
इस भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद वैश्विक स्तर पर एकजुटता देखी जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इन भूकंपों ने बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान किया है. उन्होंने सभी अमेरिकी एजेंसियों को वेनेजुएला की त्वरित मदद के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं.
अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ ने भी कहा कि वाशिंगटन राहत प्रयासों को लेकर वेनेजुएला के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है. काराकास स्थित अमेरिकी दूतावास ने पुष्टि की है कि वहां मौजूद सभी अमेरिकी कर्मी सुरक्षित हैं.
हाल के महीनों में वेनेजुएला की अंतरिम सरकार के साथ अमेरिका के संबंधों में सुधार आया है, जिससे राहत कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है.
दूसरी ओर, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वेनेजुएला में आए इस विनाशकारी भूकंप पर गहरा शोक व्यक्त किया है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि भारत इस संकट की घड़ी में वेनेजुएला की सरकार और वहां के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है.
उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला को हर संभव सहायता देने के लिए पूरी तरह तैयार है.
हालांकि वेनेजुएला में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के ये भूकंप देश के इतिहास में सबसे विनाशकारी माने जा रहे हैं, लेकिन ये दुनिया के सर्वकालिक सबसे शक्तिशाली भूकंपों की सूची में शामिल नहीं हैं. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया में अब तक दर्ज किए गए 10 सबसे शक्तिशाली भूकंप और उनसे हुई मौतों का विवरण इस प्रकार है:
तीव्रता 8.6 (1950): अरुणाचल प्रदेश, भारत. इस भूकंप में 780 लोगों की जान गई थी.
तीव्रता 8.7 (1965): अलास्का, अमेरिका. इसमें किसी की मौत नहीं हुई थी.
तीव्रता 8.8 (1906): एस्मेराल्डास, इक्वाडोर. इस आपदा में 1,500 लोगों की मौत हुई.
तीव्रता 8.8 (2010): बायोबायो, चिली. इसमें 523 लोगों की जान गई थी.
तीव्रता 8.8 (2025): कमचटका, रूस. इस भूकंप में शून्य मौतें दर्ज की गईं.
तीव्रता 9.0 (1952): कमचटका, रूस. इसमें लगभग 15,000 लोगों की मौत हुई थी.
तीव्रता 9.1 (2011): तोहोकू, जापान. इस विनाशकारी भूकंप और सुनामी में 15,000 से अधिक लोग मारे गए थे.
तीव्रता 9.1 (2004): सुमात्रा, इंडोनेशिया. हिंद महासागर में आए इस भूकंप और सुनामी ने 2,80,000 से अधिक लोगों की जान ली थी.
तीव्रता 9.2 (1964): अलास्का, अमेरिका. इसमें 130 लोगों की मौत हुई थी.
तीव्रता 9.5 (1960): बायोबायो, चिली. यह इतिहास का सबसे शक्तिशाली भूकंप था, जिसमें 1,655 लोगों की जान गई थी.