ओडिशा के 7 माओवादियों का छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण
रायपुर । संवाददाता: ओडिशा में सक्रिय सात कट्टर माओवादियों ने छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है. इनमें कंधमाल-कालाहांडी-बौध-नयागढ़ क्षेत्र में प्रतिबंधित संगठन की 8वीं कंपनी के कमांडर रमना इरपा उर्फ बिकेश भी शामिल हैं. बिकेश पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 लाख रुपये और ओडिशा सरकार ने 10 लाख रुपये का इनाम रखा था.
आत्मसमर्पण करने वाले अन्य माओवादियों में रमे कमलु उर्फ प्रमीला, हुंगा मडकम उर्फ मैनु, पारो सिकाको उर्फ शांति, लकसे पोडियामी उर्फ आशा, दुकुरु लेखम उर्फ डोरा और जोगी पडियाम उर्फ रायमती शामिल हैं.
सूत्रों के अनुसार, ये सातों माओवादी ओडिशा के कंधमाल, कालाहांडी, बौध और नयागढ़ जिलों में सक्रिय थे और पिछले पांच वर्षों में कंधमाल, रायगढ़ा और कालाहांडी में नागरिकों की हत्या सहित कई हिंसक घटनाओं में शामिल थे.
इन सात माओवादियों पर कुल 89 लाख रुपये का इनाम था. छत्तीसगढ़ के बीजपुर में दो दिन पहले पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने के बाद बिकेश ने बताया कि ओडिशा पुलिस की तीव्र कार्रवाइयों के कारण उन्होंने माओवादी संगठन छोड़ दिया.
माओवादियों को खानाबदोश जीवनशैली के कारण गंभीर मानसिक और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
बिकेश ने ओडिशा में सक्रिय सभी माओवादियों से आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की, जो राज्य में माओवादी कैडरों के बीच बढ़ती हताशा को दर्शाता है.
ओडिशा पुलिस ने भी राज्य में सक्रिय सभी माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़ने और सरकार की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति के तहत अपनी भलाई सुनिश्चित करने की अपील की है.