अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग, 8 की मौत
अहमदाबाद | डेस्क: गुजरात के अहमदाबाद में शनिवार को रामोल-गतराड रोड स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई में भीषण आग लगने से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हो गए. इस फैक्ट्री के पास लायसेंस नहीं था.
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दमकल विभाग, पुलिस तथा प्रशासन की टीमें बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान में जुट गईं.
अधिकारियों का कहना है कि मलबे की तलाशी जारी है, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
एडिशनल फायर ऑफिसर मिथुन मिस्त्री ने बताया कि आग की सूचना शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मिली थी. सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के साथ-साथ अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया. घायलों को तत्काल एलजी अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है.
घटनास्थल पर पहुंचे अहमदाबाद के जॉइंट पुलिस कमिश्नर शरद सिंघल ने बताया कि यह इलाका रामोल पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है और मामले में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उन्होंने बताया कि फैक्ट्री का प्रबंधन मेहुल डोडिया के जिम्मे था. पुलिस अब हादसे के कारणों के साथ-साथ सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस यूनिट में विस्फोट और आग लगी, उसका लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका था. इसके बावजूद वहां कथित तौर पर पटाखों का निर्माण जारी था. अधिकारियों के अनुसार, अवैध रूप से संचालित इस इकाई में सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं, इसकी भी विस्तृत जांच की जा रही है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग लगने के बाद फैक्ट्री परिसर में कई धमाके सुनाई दिए, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई. विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई दिया और आसपास मौजूद लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर भागकर जान बचाई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर जारी संदेश में कहा कि अहमदाबाद की पटाखा फैक्ट्री में हुई दुर्घटना में लोगों की मौत की खबर बेहद दुखद है. उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की. स्थानीय प्रशासन को प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए.