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'मालदा उत्तर मॉडल': क्या बंगाल में भाजपा की जीत का ब्लूप्रिंट बनेगा ?

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01 मई 2026, 09:04 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

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प्रसेनजीत घोष । सीजी खबर डेस्क: पश्चिम बंगाल का राजनीतिक परिदृश्य एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां मतदान पैटर्न में मामूली सा बदलाव भी राज्य की सत्ता गतिशीलता को पूरी तरह से बदल सकता है. यदि भारतीय जनता पार्टी पूरे राज्य में 70% हिंदू वोटों को ध्रुवीकृत और संगठित करने में सफल रहती है, तो इसके परिणामस्वरूप आने वाली चुनावी सुनामी तृणमूल कांग्रेस के वर्तमान वर्चस्व को ध्वस्त कर सकती है. 


यह अनुमान 'मालदा उत्तर मॉडल' पर आधारित है, जहां तीव्र एकीकरण ने पहले भी चुनावी रुख को पलटने का काम किया है. 

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लोकसभा चुनावों के दौरान, मालदा उत्तर में भाजपा के पक्ष में हिंदू वोटों का 85% तक चौंकाने वाला ध्रुवीकरण देखा गया था. इस रणनीतिक एकजुटता ने पार्टी को पारंपरिक सत्ता विरोधी लहर की बाधाओं को पार करने और एक निर्णायक जीत हासिल करने में मदद की. 


एक ऐसे राज्य में जहां हिंदू आबादी लगभग 70.54% है, एकीकरण का इतना उच्च स्तर भाजपा के कुल वोट शेयर को 45% के आंकड़े से ऊपर ले जाएगा, जिससे एक ऐसा गणितीय 'सुरक्षा जाल' तैयार होगा जिसे भेदना किसी भी दल के लिए कठिन होगा.


हालांकि, इस मॉडल की प्रभावशीलता की असली परीक्षा बंगाल के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में होनी बाकी है. 


मुर्शिदाबाद (66.27% मुस्लिम आबादी), मालदा (51.27%) और उत्तर दिनाजपुर (49.92%) जैसे जिलों में अल्पसंख्यक समुदाय का जनसांख्यिकीय अभी भी भाजपा की पूर्ण जीत की राह में मुख्य बाधा बना हुआ है. 


भाजपा के लिए मालदा उत्तर की सफलता एक 'प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट' के रूप में कार्य करती है. हिंदू मतदाताओं के भारी बहुमत को सुरक्षित करके यहां तक ​​कि महत्वपूर्ण अल्पसंख्यक उपस्थिति वाले क्षेत्रों में भी पार्टी 27% अल्पसंख्यक आबादी के 'एकमुश्त' मतदान के प्रभाव को बेअसर कर सकती है. 


यदि 70% ध्रुवीकरण का यह स्तर विधानसभा स्तर तक बढ़ता है, तो इसके परिणामस्वरूप भाजपा आसानी से 148 सीटों के बहुमत के आंकड़े को पार कर सकती है. 


इसका विशेष प्रभाव दक्षिण बंगाल के शहरी समूहों जैसे कोलकाता, हावड़ा, 24 परगना, हुगली और उत्तर बंगाल के चाय बेल्ट के साथ-साथ जंगलमहल में देखने को मिल सकता है, जो राज्य की लंबे समय से चली आ रही पहचान की राजनीति को एक एकल और द्विआधारी मुकाबले में बदल देगा.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP