महानदी ट्रिब्यूनल ने छत्तीसगढ़ के केलो बांध और कलमा बैराज का किया निरीक्षण
रायगढ । संवाददाता: महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल की अध्यक्ष न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय दल ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित केलो बांध और कलमा बैराज का गहन निरीक्षण किया. ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच लंबे समय से चल रहे जल बंटवारे के विवाद में अंतिम निर्णय लेने से पहले यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
दल में न्यायमूर्ति रवि रंजन और न्यायमूर्ति इंदरमीत कौर कोचर भी शामिल थे, जिन्होंने दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया.
विवाद की मुख्य जड़ छत्तीसगढ़ द्वारा महानदी और उसकी सहायक नदियों पर बनाए गए बांध और बैराज हैं.
ओडिशा सरकार का आरोप है कि इन ढांचों के कारण, विशेष रूप से गैर-मानसून सीजन के दौरान, हीराकुंड जलाशय में पानी का प्रवाह काफी कम हो गया है.
इससे राज्य में कृषि, पेयजल आपूर्ति और औद्योगिक गतिविधियों पर बुरा असर पड़ रहा है.
ट्रिब्यूनल की टीम ने जिंदल एयरस्ट्रिप पहुंचने के बाद रायगढ़ और सक्ती जिलों में विभिन्न जल परियोजनाओं का दौरा शुरू किया है, ताकि जमीनी हकीकत के आधार पर इस जटिल विवाद का समाधान निकाला जा सके.