महानदी विवाद: 'भाजपा ने छत्तीसगढ़ के सामने घुटने टेके'- बीजद
भुवनेश्वर । डेस्क: ओडिशा में विपक्षी दल बीजू जनता दल ने महानदी जल बंटवारा विवाद को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है. बीजद ने आरोप लगाया है कि दोनों राज्यों के बीच सहमति बनाने के नाम पर ओडिशा की मोहन चरण माझी सरकार ने पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के सामने ‘पूरी तरह आत्मसमर्पण’ कर दिया है.
एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए बीजद नेताओं ने दावा किया कि महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण (MWDT) के समक्ष प्रस्तुत संयुक्त तकनीकी समिति की जमीनी रिपोर्ट हकीकत से कोसों दूर है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छत्तीसगढ़ के इस दावे को स्वीकार कर लिया है कि ओडिशा के क्षेत्र में पर्याप्त पानी उपलब्ध है, जो कि राज्य के हितों के साथ एक बड़ा समझौता है.
विपक्ष के अनुसार, न्यायाधिकरण को सौंपे गए आंकड़ों में कहा गया है कि महानदी बेसिन में 62.36 मिलियन एकड़-फीट पानी उपलब्ध है. बीजद का कहना है कि जब गैर-मानसून सीजन में महानदी सूखी रहती है, तब न्यायाधिकरण के सामने प्रचुर पानी होने की बात स्वीकार करना ओडिशा की जनता के साथ क्रूर मजाक है.
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि खुद मुख्यमंत्री द्वारा पिछले साल विधानसभा में दी गई जानकारी और इस रिपोर्ट के आंकड़ों में भारी विसंगति है, क्योंकि छत्तीसगढ़ द्वारा ऊपरी इलाकों में बांध बनाने से ओडिशा में पानी का प्रवाह कम हुआ है.
दूसरी तरफ, ओडिशा के महाधिवक्ता पीतांबर आचार्य ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि राज्य के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, कई दौर की बातचीत के बाद दोनों राज्य कई मुद्दों पर सहमति के करीब पहुंच चुके हैं. इस विवाद पर अगली सुनवाई 11 जुलाई को होनी है, जिससे पहले दोनों राज्यों के सचिव स्तर की बैठक में बचे हुए मतभेदों को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा.