लखनऊ अग्निकांड: 4 अधिकारी सस्पेंड, 6 पर FIR, 4 गिरफ्तार
लखनऊ । डेस्क: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त रुख अपना रहे हैं. हादसे के बाद एक्शन मोड में आई सरकार ने सोमवार देर रात एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए.
सीएम योगी के कड़े रुख के बाद प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. निलंबित होने वाले अफसरों में बिजली विभाग के एक्सियन गौरव कुमार, फायर विभाग के एफएसएसओ कमलेंद्र कुमार सिंह, एलडीए के एई अनिल कुमार और जेई प्रमोद पांडे शामिल हैं. सरकार की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.
इस पूरे मामले में पुलिस ने भी अपनी कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है. पुरनिया चौकी इंचार्ज शुभम तिवारी की शिकायत पर अलीगंज थाने में छह नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नामजद छह आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार किए गए लोगों में इमारत के मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, पेट शॉप के संचालक रामकृष्ण उपाध्याय, एनिमेशन सेंटर चलाने वाले तूशॉक कृष्णा जायसवाल और किरायेदार सुरेश कुमार शाहू शामिल हैं.
वहीं, फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों, धीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है.
हादसे की गहराई से जांच के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन भी कर दिया गया है. इस हाई-प्रोफाइल एसआईटी में संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है.
इस दो सदस्यीय जांच दल को पूरे मामले की बारीकी से पड़ताल कर सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपनी होगी.
संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) बबलू कुमार ने साफ तौर पर कहा है कि इस हादसे में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है.
इससे पहले, किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज का दौरा करने के बाद सीएम योगी ने अपने सरकारी आवास पर यह महत्वपूर्ण बैठक की थी, जिसमें शासन के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे.