कोरबा: पुराना मकान ढहाते समय ऊंची दीवार से गिरकर मजदूर की मौत, सुरक्षा संसाधनों का था अभाव
कोरबा के सीतामढ़ी कुम्हार मोहल्ले में मकान ढहाने के दौरान ऊंचाई से गिरकर दिहाड़ी मजदूर बीरबल सिंह कंवर की मौत हो गई. हादसे के वक्त सुरक्षा उपकरण न होने की बात सामने आई है.
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित सीतामढ़ी कुम्हार मोहल्ले में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत स्वीकृत नए निर्माण के लिए पुराना मकान ढहाने का काम चल रहा था. इसी दौरान गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे साढ़े छह फीट ऊंची दीवार पर चढ़कर काम कर रहा एक दिहाड़ी मजदूर अचानक संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गया.
इस हादसे में मजदूर के सिर, छाती और कंधे में गंभीर चोटें आईं. मौके पर मौजूद अन्य श्रमिकों की सूचना पर मकान मालिक की मदद से उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. अस्पताल पुलिस ने मेमो के आधार पर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुम्हार मोहल्ला निवासी प्रदीप कुमार के नाम पर स्वीकृत पीएम आवास के निर्माण हेतु पुराने मकान को तोड़ने का ठेका चांपा निवासी कार्तिक दास को दिया गया था, जो पुरानी बस्ती में अपने जीजा के घर रहता है.
गुरुवार सुबह कार्तिक दास उषा कॉम्प्लेक्स रेलवे फाटक से चार दिहाड़ी मजदूरों को काम पर लेकर आया था, जिनमें उरगा थाना क्षेत्र के मडवारानी जर्वे निवासी बीरबल सिंह कंवर भी शामिल था.
प्रत्यक्षदर्शियों व घटनाक्रम के अनुसार, काम के दौरान श्रमिकों को कोई भी सुरक्षा उपकरण या संसाधन मुहैया नहीं कराए गए थे और मजदूर बिना किसी सुरक्षा उपाय के महज दीवार के सहारे ऊंचाई पर काम कर रहे थे.
मृतक बीरबल सिंह कंवर के परिवार में उनकी पत्नी, एक शादीशुदा बेटी और एक बेटा विशाल कंवर हैं. विशाल रेलवे में ठेका मजदूर के रूप में काम करके अपने पिता के साथ परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करता था. इस दुखद हादसे के बाद अब परिवार की पूरी जवाबदेही और जिम्मेदारी इकलौते बेटे विशाल के कंधों पर आ गई है.