कोरबा: खेल-खेल में भाई से स्टार्ट हुआ ट्रैक्टर, पहिये के नीचे दबा मासूम
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बड़ों की एक छोटी सी लापरवाही ने ढाई साल के एक मासूम बच्चे की जान ले ली. खेल-खेल में दो सगे भाई सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर पर चढ़ गए. इस दौरान बड़े भाई ने अनजाने में ट्रैक्टर की चाबी घुमा दी, जिससे वाहन स्टार्ट होकर आगे बढ़ गया और छोटा भाई उसके पहिये की चपेट में आ गया. इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है.
यह पूरी घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली नीलगिरी बस्ती (पथरीपारा, वार्ड क्रमांक-20) की है. मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण का कार्य चल रहा है. इसी निर्माण कार्य के लिए एक ट्रैक्टर से ईंटें मंगवाई गई थीं.
मौके पर पहुंचे ट्रैक्टर के चालक और हेल्पर ईंटें उतारने के काम में व्यस्त हो गए. इसी बीच उन्होंने ट्रैक्टर को सड़क के किनारे खड़ा तो किया, लेकिन उसकी चाबी इंजन में ही लगी छोड़ दी.
वार्ड पार्षद चंद्रलोक सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मृतक बच्चे का नाम मोहम्मद अब्दुल लतीफ (ढाई वर्ष) था, जो अपने पांच वर्षीय बड़े भाई मोहम्मद अंजार के साथ घर के बाहर खेल रहा था. खेलते-खेलते दोनों बच्चे उस ट्रैक्टर के पास पहुंच गए और उस पर चढ़ गए.
पांच साल के बड़े भाई ने उत्सुकता में ड्राइवर की सीट संभाल ली और स्टीयरिंग पकड़कर वहां लगी चाबी को घुमा दिया. चाबी घूमते ही ट्रैक्टर अचानक स्टार्ट हो गया.
जिस वक्त ट्रैक्टर स्टार्ट हुआ, उस समय छोटा भाई अब्दुल लतीफ नीचे पहिये के बेहद करीब खड़ा था. इंजन शुरू होते ही ट्रैक्टर अचानक आगे की ओर बढ़ गया, जिससे मासूम सीधे भारी-भरकम पहिये के नीचे आ गया और गंभीर रूप से जख्मी हो गया.
वहीं, सीट पर बैठा बड़ा भाई सुरक्षित बच गया. अचानक हुए इस हादसे से मौके पर मौजूद मजदूरों और स्थानीय लोगों में चीख-पुकार मच गई. आनन-फानन में लहूलुहान बच्चे को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और वैधानिक कार्रवाई शुरू की. सिविल लाइन थाना प्रभारी वंदना शर्मा ने बताया कि पुलिस ने दुर्घटना कारित करने वाले ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है.
परिजनों की शिकायत के आधार पर मर्ग कायम कर आगे की जांच की जा रही है. बड़ों की इस घोर लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग हमेशा के लिए बुझा दिया है.