कोरबा: हाथी ने 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को मार डाला
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल के अंतर्गत आने वाले केंदई वन परिक्षेत्र में बुधवार सुबह एक दंतैल हाथी ने महुआ बीनने जंगल गई 70 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया. इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके के ग्रामीणों में भारी दहशत और आक्रोश का माहौल है.
मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान पातुरियाडांड गांव निवासी सुखमत बाई के रूप में हुई है. रोजाना की तरह सुखमत बाई बुधवार सुबह करीब 5 बजे गांव से लगे जंगल में गिरे हुए महुआ के फलों को इकट्ठा करने के लिए गई हुई थी. इसी दौरान घने जंगल और कम रोशनी के बीच अचानक उसका सामना एक विशालकाय अकेले हाथी से हो गया.
जमीन पर मिले निशानों और साक्ष्यों के आधार पर वन अधिकारियों का अनुमान है कि महिला ने हाथी को देखकर अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागने की कोशिश की थी, लेकिन इससे पहले कि वह किसी सुरक्षित स्थान या गांव की सीमा तक पहुंच पाती, हाथी ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और मौके पर ही कुचल दिया. महिला की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई.
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे. वन अमले ने आवश्यक कागजी कार्रवाई और पंचनामा पूरा करने के बाद, स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता के रूप में 25,000 रुपये की अनुग्रह राशि सौंप दी है.
अधिकारियों ने बताया कि सरकारी नियमों के तहत मिलने वाली शेष मुआवजा राशि के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
कटघोरा वन मंडल के अधिकारियों ने बताया कि इस वीभत्स घटना को अंजाम देने वाला हाथी एक वयस्क और अकेला नर है. यह हाथी दो दिन पहले ही पड़ोसी सूरजपुर वन मंडल से सीमा पार कर केंदई इलाके में दाखिल हुआ था.
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "हम अपने फील्ड स्टाफ और ड्रोन कैमरों की मदद से लगातार इस हाथी की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं. हालांकि, जंगल काफी घना होने और लगातार बदलते मौसम के कारण हाथी की सटीक लोकेशन को ट्रैक करना हमारे लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है."
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के साथ ही ग्रामीण बड़ी संख्या में महुआ के फल और जंगली मशरूम इकट्ठा करने के लिए जंगलों का रुख कर रहे हैं. वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, ग्रामीणों की इस आजीविका संबंधी गतिविधि के कारण हाथियों के साथ अचानक आमना-सामना होने का खतरा काफी बढ़ गया है.
पिछले महज छह महीनों के भीतर ही इन दोनों वन मंडलों में हाथियों के हमले के कारण 9 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
इस बीच वन विभाग ने सीमावर्ती और जंगल से लगे गांवों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है. ग्रामीणों से सख्त अपील की गई है कि वे विशेष रूप से तड़के और देर शाम के वक्त अकेले जंगल में जाने से पूरी तरह बचें. विभाग की चिंता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि वर्तमान में जतगा रेंज के चेचहिया पहाड़ इलाके में पिछले चार महीनों से 49 हाथियों का एक बड़ा दल डेरा डाले हुए है.
चूंकि अब खेती-किसानी का सीजन शुरू हो रहा है और खेतों में ग्रामीणों की आवाजाही बढ़ेगी, ऐसे में वन विभाग का अमला हाथियों के इस विशाल दल की हर हरकत पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रहा है ताकि किसी भी अन्य अप्रिय घटना को रोका जा सके.