कोलकाता: I-PAC के ठिकानों पर ED का छापा, ममता ने बताया 'राजनीतिक प्रतिशोध'
कोलकाता । डेस्क: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार सुबह पश्चिम बंगाल में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC और इसके निदेशक प्रतीक जैन के परिसरों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई बहुचर्चित कोयला चोरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है.
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कोलकाता के साल्ट लेक स्थित I-PAC कार्यालय और लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के आवास सहित दिल्ली और बंगाल के लगभग 10 ठिकानों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी में सुबह 7 बजे से ही तलाशी जारी है.
यह मामला नवंबर 2020 में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई उस प्राथमिकी पर आधारित है, जिसमें आसनसोल के पास ईस्टर्न कोलफील्ड्स की खदानों से करोड़ों रुपये के कोयले की अवैध निकासी का आरोप लगाया गया है. इस मामले में स्थानीय ऑपरेटर अनूप माझी उर्फ 'लाला' मुख्य संदिग्ध है.
इस कार्रवाई के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के आवास पर पहुँचीं और इसे केंद्र सरकार की "राजनीतिक प्रतिशोध" वाली कार्रवाई करार दिया.
प्रतीक जैन को पार्टी का 'आईटी प्रमुख' बताते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ED अधिकारी आगामी विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की सूची, आंतरिक रणनीति और संवेदनशील संगठनात्मक डेटा जब्त करने की कोशिश कर रहे हैं.
ममता बनर्जी ने तीखे शब्दों में कहा कि एक वित्तीय जांच एजेंसी का राजनीतिक पार्टी का डेटा इकट्ठा करना असंवैधानिक है.
दूसरी ओर, विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री के इस दौरे पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने इसे केंद्रीय एजेंसी की जांच में "अनैतिक और असंवैधानिक हस्तक्षेप" बताते हुए ED से मुख्यमंत्री के खिलाफ कदम उठाने की मांग की है.
फिलहाल इस छापेमारी पर ED या I-PAC की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.