केरल में अब 'नेटिविटी कार्ड' से साबित होगी नागरिकता
तिरुवनंतपुरम । डेस्क: केरल की वामपंथी सरकार ने राज्य में निवास और नागरिकता साबित करने के लिए एक स्थायी 'नेटिविटी कार्ड' (Nativity Card) शुरू करने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कैबिनेट बैठक के बाद घोषणा की कि मौजूदा नेटिविटी सर्टिफिकेट के स्थान पर अब फोटो युक्त एक स्थायी पहचान पत्र जारी किया जाएगा.
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन लोगों की मदद करना है जिन्हें अपनी नागरिकता और निवास साबित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्ड एक आधिकारिक और कानूनी दस्तावेज होगा जो यह स्थापित करेगा कि संबंधित व्यक्ति एक मलयाली और भारतीय नागरिक है.
वर्तमान व्यवस्था के तहत, निवासियों को स्थानीय 'विलेज ऑफिस' से नेटिविटी सर्टिफिकेट बनवाना पड़ता है, जिसका उपयोग शिक्षा, छात्रवृत्ति, राशन कार्ड और सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्राप्त करने के लिए किया जाता है.
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है.
बीजेपी नेता वी. मुरलीधरन ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि संविधान के अनुसार नागरिकता निर्धारित करने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है.
उन्होंने इस योजना को सार्वजनिक धन की बर्बादी बताया और आधार कार्ड की मौजूदगी में इसकी कानूनी वैधता पर सवाल खड़े किए हैं.
इस बीच, राजस्व विभाग को कानून विभाग के साथ मिलकर इस कार्ड की कानूनी स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं.