‘कश्मीर भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा’: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर
श्रीनगर । डेस्क: भारत और दक्षिण एवं मध्य एशिया के लिए अमेरिका के विशेष दूत और राजदूत सर्जियो गौर ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के अपने पहले दौरे के दौरान इस क्षेत्र को “भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा” करार दिया. श्रीनगर के गुपकार रोड स्थित आवास पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद अमेरिकी राजदूत ने कहा कि नई दिल्ली और मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए शानदार कदम उठाए हैं.
उन्होंने यह संकेत भी दिया कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर के लिए अपनी प्रतिकूल यात्रा चेतावनी (ट्रैवल एडवाइजरी) को डाउनग्रेड करने यानी समीक्षा करने पर विचार करेगा, जिससे अमेरिकी पर्यटकों के आने का रास्ता साफ हो सके.
यह दौरा वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण के बाद किसी वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक की जम्मू-कश्मीर की पहली यात्रा है. अमेरिकी प्रतिनिधि द्वारा कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताना और सुरक्षा स्थिति की सराहना करना कूटनीतिक दृष्टिकोण से एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अमेरिका और जम्मू-कश्मीर के बीच पर्यटन, बागवानी और नई अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं. दोनों नेताओं ने कुछ पुराने ऐतिहासिक और विरासत से जुड़े मुद्दों को सुलझाने तथा आपसी संबंधों को और गहरा करने पर चर्चा की. गौर बाद में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भी मुलाकात करने वाले हैं.
दूसरी ओर, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी राजदूत का यह दौरा पूरी तरह से प्रायोजित और नियंत्रित था, जिसमें केवल चुनिंदा लोगों से मुलाकात कराई गई.
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि दिल्ली और स्थानीय प्रशासन केवल “सामान्य स्थिति” का एक भ्रम पैदा कर रहे हैं और किसी भी विरोधी स्वर को इस तरह के अंतरराष्ट्रीय दौरों से दूर रखा जा रहा है ताकि जमीनी हकीकत को छुपाया जा सके.