कपिल सिब्बल ने पूछा- क्या पीएम मोदी और वाजपेयी ने गाया था पूरा राष्ट्रगीत?
नई दिल्ली । डेस्क: राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' को लेकर भारतीय जनता पार्टी और विपक्ष के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है. कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के पूरे संस्करण के बजाय केवल पहले दो अंतरे गाने के फैसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीखा हमला बोला था.
अमित शाह ने कांग्रेस के इस कदम को 'देश विरोधी' और वोट बैंक की राजनीति से प्रेरित तुष्टीकरण करार दिया था.
गृह मंत्री के इस बयान पर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को जोरदार पलटवार किया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए सिब्बल ने सवाल उठाया कि क्या वर्ष 1950 के बाद से भाजपा ने अपने निजी या आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सभी अंतरे गाए हैं?
उन्होंने पूछा कि क्या नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए या पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यकाल के दौरान इसका पूरा संस्करण गाया था?
सिब्बल ने सवाल किया कि क्या पूरा वंदे मातरम न गाने वाले भाजपा नेताओं को भी 'देश विरोधी' कहा जाएगा. उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसे बयानों से पार्टी की वोट बैंक की राजनीति उजागर होती है.
इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी अमित शाह के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा नेताओं को 'फर्जी राष्ट्रवादी' करार दिया था.
जयराम रमेश ने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि 1937 के प्रस्ताव में राष्ट्रीय आयोजनों में पहले दो अंतरे गाने की सिफारिश की गई थी, जो स्वतंत्रता संग्राम के कई प्रमुख नेताओं का सुविचारित रुख था. इस तरह वंदे मातरम के गायन को लेकर दोनों पक्षों के बीच राष्ट्रवाद और इतिहास की दुहाई देते हुए जुबानी जंग और तीखी हो गई है.