कांकेर: जवानों पर हमले के 3 माओवादियों को 10-10 साल का सश्रम कारावास
कांकेर की विशेष एनआईए अदालत ने मई 2023 में कोयलीबेड़ा से गिरफ्तार 3 नक्सलियों को सुरक्षाबलों पर हमले और गैरकानूनी गतिविधियों के मामले में 10-10 साल की कठोर जेल की सजा सुनाई है.
कांकेर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत केसोकोड़ी के पास जंगलों में 18 मई 2023 को तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने तीन संदिग्धों को देखा था. जवानों द्वारा घेराबंदी किए जाने पर भागने की कोशिश करते हुए आरोपियों ने हमला कर दिया, जिससे एक जवान का दाहिना हाथ जख्मी हो गया था. इसके बावजूद जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीनों को मौके से धर दबोचा.
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से माओवादी साहित्य, वॉकी-टॉकी, चिट्ठियां, नकदी, चाकू, टॉर्च और गुलेल जैसी आपत्तिजनक चीजें जब्त की गईं. कोयलीबेड़ा थाने में इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4, 5 और यूएपीए की धारा 38(2), 39(2) के तहत केस दर्ज किया गया था, जिसकी गहन जांच तत्कालीन एसडीओपी अंतागढ़ अमर सिदार ने की.
प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन की गतिविधियों की सटीक सूचना पर सीओबी चिलपरस और ढूंट्टा के जवानों की संयुक्त टीम बनाकर कागबरस, नयापारा व चिलपरस के घने जंगलों में छानबीन के लिए रवाना किया गया था.
इस संवेदनशील मामले में भानुप्रतापपुर स्थित विशेष एनआईए अदालत के न्यायाधीश दीपक के. गुप्ता ने फैसला सुनाते हुए तीनों आरोपियों को गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहने और सुरक्षाबलों पर हमला करने के जुर्म में 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है. राज्य शासन की ओर से कोर्ट में अपर लोक अभियोजक टी.एस. यादव ने प्रभावी दलीलें रखीं.
विशेष अदालत द्वारा सजा पाए दोषियों की पहचान 35 वर्षीय पीलूराम आंचला उर्फ सालिक राम, 25 वर्षीय रमेश पुनेम उर्फ बुधरू और 22 वर्षीय पुनऊ राम मंडावी के रूप में हुई है. 10 वर्ष की जेल की सजा के साथ-साथ अदालत ने तीनों दोषियों में से प्रत्येक पर 3,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है.