झारखंड: 16 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेताओं ने खत्म किया अनशन
रांची । डेस्क: झारखंड सरकार ने छात्रों के भारी विरोध और लंबे समय से चल रहे आंदोलन को देखते हुए JSSC-CGL तथा TDPL (टीडीपीएल) द्वारा आयोजित की गई सभी परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित एक विशेष कैबिनेट बैठक के दौरान यह कदम उठाया गया. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर संवेदनशील है और नियुक्ति प्रक्रियाओं में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी. इसके साथ ही सरकार ने ईडी (ED) से संभावित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कराने और सीआईडी (CID) जांच को न्यायिक निगरानी में रखने का फैसला लिया है.
16वें दिन टूटा छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का अनशन
सरकार की घोषणा के बाद रांची में 16 दिनों से अनशन पर बैठे प्रमुख छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, उम्मे हबीबा और राहुल क्रांति ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी. राज्य सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और इरफान अंसारी ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर उनका व्रत तुड़वाया. देवेंद्र महतो ने इस निर्णय को राज्य के युवाओं की ऐतिहासिक जीत बताया और कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण तक पहुंचने के बावजूद परीक्षा रद्द करने का साहस दिखाना सरकार का एक बड़ा कदम है. उन्होंने भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून और ऑडिट प्रणाली लागू करने की मांग दोहराई.
दर्ज मुकदमे वापस लेने और सुधारों की मांग
अनशन समाप्त करने के साथ ही छात्र नेताओं ने सरकार से मांग की है कि आंदोलन के दौरान विद्यार्थियों पर दर्ज की गई सभी प्राथमिकियों (FIR) और कानूनी कार्रवाइयों को तुरंत वापस लिया जाए. छात्र नेता उम्मे हबीबा ने लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का सम्मान करने और निष्पक्ष भर्ती प्रणाली सुनिश्चित करने पर जोर दिया. इसके अतिरिक्त, छात्रों ने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार द्वारा शुरू किए गए सुझाव पोर्टल का स्वागत किया है, जिसमें वार्षिक परीक्षा कैलेंडर और ओएमआर शीट के समयबद्ध प्रकाशन जैसे कदम शामिल हैं.
राहुल गांधी का समर्थन और विपक्ष का दबाव
इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर छात्रों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया था. राज्य में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों, जिनमें हजारों अभ्यर्थियों ने रांची में विधानसभा घेराव की कोशिश की थी, के बाद सरकार पर चौतरफा दबाव बन गया था. सीआईडी की जांच के तहत इस मामले में पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष समेत 20 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसके बाद सरकार ने व्यवस्था को पूरी तरह से सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई है.