जगदलपुर: मिले जंगली जानवर के पदचिह्न, ड्रोन से सर्च ऑपरेशन जारी
जगदलपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा से लगे बस्तर जिले के छोटे गारावंड गांव में एक अज्ञात हिंसक जंगली जानवर की आहट से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. खेत में असामान्य रूप से बड़े आकार के पंजे के निशान देखने के बाद आशंकित ग्रामीणों ने तुरंत इसकी जानकारी वन अमले को दी.
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वन विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है और आसपास के पूरे वन क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी है.
संभावित खतरे से निपटने के लिए दोनों राज्यों की वन सीमा पर संयुक्त गश्त शुरू कर दी गई है. चूंकि माचकोट का यह घना जंगल सीधे ओडिशा की सरहद से जुड़ता है, इसलिए अधिकारियों को अंदेशा है कि यह जानवर सीमा पार भी आ-जा सकता है.
फिलहाल जानवर की सटीक पहचान नहीं हो सकी है, लेकिन उसे जल्द से जल्द ट्रेस करने के लिए घने जंगलों में व्यापक सर्च अभियान चलाया जा रहा है.
वन विभाग जानवर की आवाजाही पर 24 घंटे नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है. घने और दुर्गम इलाकों में निगरानी के लिए थर्मल और इंफ्रारेड कैमरों से लैस ड्रोन तैनात किए गए हैं, ताकि रात के अंधेरे में भी जानवर की लोकेशन का पता लगाया जा सके.
सुरक्षा के दृष्टिकोण से वन विभाग ने स्थानीय निवासियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे स्थिति सामान्य होने तक अकेले जंगल की तरफ न जाएं, मवेशी चराने और लकड़ी इकट्ठा करने पर रोक लगाएं तथा अपने पालतू पशुओं को सुरक्षित बाड़ों में बांधकर रखें. इसके अलावा, लोगों से सोशल मीडिया की अफवाहों से दूर रहने और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन या पुलिस को सूचित करने की अपील की गई है.