शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

ईरान: अयातुल्ला खामेनेई के बाद कौन होगा अगला सर्वोच्च नेता?

C

CG Khabar

01 मार्च 2026, 06:40 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

मोजतबा खामेनेई
मोजतबा खामेनेई

तेहरान । डेस्क: ईरान इस समय अपने इतिहास के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है. अमेरिका और इजरायल के भीषण हवाई हमलों में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने देश को एक अनिश्चित मोड़ पर खड़ा कर दिया है. इस हमले में न केवल खामेनेई, बल्कि उनके शीर्ष सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी और IRGC के कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर जैसे कद्दावर नेता भी मारे गए हैं.


जहाँ एक ओर तेहरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान पर हमले जारी रहेंगे. इस सैन्य तनाव के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईरान की सत्ता की कमान अब किसके हाथ में होगी?


कैसे चुना जाता है सर्वोच्च नेता?


ईरान के संविधान के अनुसार, सर्वोच्च नेता का चयन 'विशेषज्ञों की परिषद' द्वारा किया जाता है. यह 88 सदस्यीय मौलवियों का एक निकाय है. वर्तमान में, एक अस्थायी परिषद (जिसमें राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान और मुख्य न्यायाधीश शामिल हैं) देश का कामकाज देख रही है, जब तक कि नए उत्तराधिकारी का नाम तय नहीं हो जाता.


सर्वोच्च पद की दौड़ में शामिल प्रमुख दावेदार


ईरान के राजनीतिक गलियारों में अगले 'सुप्रीम लीडर' के लिए इन पाँच नामों पर सबसे अधिक चर्चा हो रही है:


1. मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei)


दिवंगत अयातुल्ला खामेनेई के दूसरे बेटे मोजतबा को सबसे शक्तिशाली दावेदार माना जा रहा है. उनका रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) और प्रशासनिक ढांचे पर गहरा प्रभाव है. हालांकि, ईरान में 'वंशवाद' को 1979 की क्रांति के सिद्धांतों के खिलाफ माना जाता है, जो उनके मार्ग में सबसे बड़ी बाधा बन सकता है.


2. अलीरेजा अराफी (Alireza Arafi)


67 वर्षीय अराफी वर्तमान में 'लीडरशिप काउंसिल' के सदस्य नियुक्त किए गए हैं. वे विशेषज्ञों की परिषद के उपाध्यक्ष और गार्जियन काउंसिल के सदस्य हैं. वे धार्मिक केंद्र 'कोम' के जुमा प्रार्थना नेता भी हैं. हालाँकि वे राजनीति में बहुत सक्रिय नहीं रहे हैं, लेकिन धार्मिक प्रतिष्ठान में उनकी पकड़ बहुत मजबूत है.


3. मोहम्मद मेहदी मीरबाघेरी (Mohammad Mehdi Mirbagheri)


मीरबाघेरी को ईरान के कट्टरपंथी धड़े की आवाज माना जाता है. वे पश्चिमी सभ्यता और संस्कृति के घोर विरोधी हैं. 'इस्लामिक साइंसेज एकेडमी' के प्रमुख के रूप में उनकी विचारधारा उन लोगों को पसंद आ सकती है जो अमेरिका के खिलाफ और भी सख्त रुख अपनाना चाहते हैं.


4. गुलाम-हुसैन मोहसेनी-एजेई (Gholam-Hossein Mohseni-Ejei)


ईरान की न्यायपालिका के वर्तमान प्रमुख मोहसेनी-एजेई एक अनुभवी नाम हैं. वे पूर्व खुफिया मंत्री और अभियोजक जनरल रह चुके हैं. उन्हें शासन के भीतर एक बेहद सख्त और अनुशासित व्यक्तित्व के रूप में देखा जाता है, जो संकट के समय में व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम हो सकते हैं.


5. हसन खुमैनी (Hassan Khomeini)


ईरान के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्ला खुमैनी के पोते होने के नाते उनके पास एक मजबूत विरासत है. 54 वर्षीय हसन को एक सुधारवादी और उदारवादी चेहरे के रूप में देखा जाता है. हालांकि, उनके उदारवादी विचारों के कारण कट्टरपंथी गार्जियन काउंसिल अतीत में उन्हें चुनाव लड़ने से रोक चुकी है, जिससे उनका रास्ता चुनौतीपूर्ण नजर आता है.


जाहिर है कि ईरान के सामने दोहरी चुनौती है. एक तरफ उसे अमेरिका और इजरायल के सैन्य दबाव का सामना करना है, और दूसरी तरफ एक ऐसे नेता को चुनना है जो देश की आंतरिक स्थिरता और 'इस्लामी गणतंत्र' के अस्तित्व को बचाए रख सके. विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के शासन में बदलाव चाहता है, जबकि तेहरान का वर्तमान ढांचा अपनी सत्ता बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP