इरान में अमरीकी बी-2 स्टील्थ बॉम्बर लापता
नई दिल्ली । डेस्क: 21 जून को अमरीकी के मिसूरी वायुसेना अड्डे से कई बी-2 स्टील्थ बॉम्बर विमानों ने इरान के तीन परमाणु केंद्रों पर शक्तिशाली बंकर बास्टर बम गिराने के लिए उड़ान भरी थी. इन विमानों का उद्देश्य इरान के फोर्डो और नतांज में स्थित भूमिगत परमाणु केंद्रों की संरचना को नष्ट करना था. इस अभियान में कुछ विमान तेहरान की ओर बढ़े, जबकि कुछ को इरान की हवाई रक्षा प्रणाली को भटकाने के लिये प्रशांत महासागर की ओर भेजा गया.
सूत्रों के अनुसार, तेहरान की ओर गये सात बी-2 स्टील्थ बॉम्बर विमानों ने 37 घंटे की उड़ान के बाद अपने अड्डे पर सुरक्षित वापसी कर ली. हालांकि, प्रशांत महासागर की ओर गये विमानों के एक समूह को लेकर रहस्य गहरा गया है.
इस समूह में शामिल कम से कम एक बी-2 स्टील्थ बॉम्बर विमान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. यह विमान अपने निर्धारित अड्डे पर वापस नहीं लौटा, जिसके बाद इसकी स्थिति को लेकर तीव्र अटकलें शुरू हो गई हैं.
जानकारी के अनुसार, इस लापता विमान ने हवाई के डैनियल के. इनौए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग की थी. यह हवाई अड्डा होनोलूलू के हिकम वायुसेना अड्डे के रनवे का उपयोग करता है. इस लैंडिंग का कारण और विमान की स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है.
यह भी अस्पष्ट है कि क्या विमान को कोई नुकसान पहुंचा है या नहीं. इस विशालकाय बी-2 स्टील्थ बॉम्बर के हवाई अड्डे पर खड़े होने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसने इस घटना को और रहस्यमयी बना दिया है.
बी-2 स्टील्थ बॉम्बर दुनिया का सबसे उन्नत और गोपनीय सैन्य विमान है, जो केवल अमरीकी वायुसेना के पास उपलब्ध है. इस विमान की तकनीकी क्षमता और रणनीतिक महत्व इसे वैश्विक सैन्य शक्ति में अनूठा बनाता है. ऐसे में, इस विमान के लापता होने की खबर ने न केवल सैन्य हलकों में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी हलचल मचा दी है.
अमरीकी वायुसेना ने इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिसके कारण रहस्य और गहरा गया है.
इस विमान के अमरीका वापस लौटने की तारीख या इसके वर्तमान हालात के बारे में भी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.