ईरान में कोहराम: प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या 2,000 के पार
तेहरान । डेस्क: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया है. आंदोलन के 17वें दिन तक सुरक्षाकर्मियों और नागरिकों सहित मरने वालों का आंकड़ा 2,000 के पार पहुँच गया है.
मानवाधिकार एजेंसियों द्वारा दी जा रही जानकारी की तुलना में जमीन पर स्थिति कहीं अधिक गंभीर बताई जा रही है. एक ईरानी अधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी से इस भारी क्षति की पुष्टि की है, हालांकि शासन ने इन मौतों के लिए "आतंकवादियों" को जिम्मेदार ठहराया है.
ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) के मुताबिक, सोमवार तक कम से कम 646 लोगों की मौत शासन की कार्रवाई में हुई है, जिनमें सेना और कानून प्रवर्तन बलों के 133 सदस्य भी शामिल हैं. इसके अलावा 579 अन्य लोगों के मारे जाने की भी आशंका है, जिसकी फिलहाल समीक्षा की जा रही है.
देश में संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप है और इंटरनेट ब्लैकआउट को 100 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है. मोबाइल, ब्रॉडबैंड के साथ-साथ टेलीफोन सेवाएं भी बाधित हैं.
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिसका सीधा असर भारत जैसे व्यापारिक साझेदारों पर पड़ सकता है.
ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों की हत्या जारी रही, तो अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप कर सकता है. ट्रंप ने एयर फोर्स वन से पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनके पास "बेहद सख्त विकल्प" मौजूद हैं और सैन्य नेतृत्व इन पर गंभीरता से विचार कर रहा है.
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका और इजरायल पर प्रदर्शनकारियों को उकसाने और घुसपैठियों के जरिए विदेशी हस्तक्षेप का रास्ता बनाने का आरोप लगाया है.