नागपुर से चल रहे अंतर्राज्यीय सट्टा गिरोह का पर्दाफाश
दुर्ग । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए मुख्य सरगना सहित कुल 9 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. पकड़े गए शातिर अपराधी महाराष्ट्र के नागपुर में एक किराए का मकान लेकर वहां से "C-B. Cricket Buzz Betting App" और "RubyBet" जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए देशव्यापी सट्टा बाजार ऑपरेट कर रहे थे.
पुलिस के हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता (29 वर्ष) मूल रूप से भिलाई के छावनी क्षेत्र का निवासी है, जो पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था.
तकनीकी इनपुट और खुफिया जानकारी के आधार पर जब पुलिस ने निशांत को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो इस पूरे नेक्सस का सच सामने आ गया. आरोपी ने कबूला कि उसने अपनी अवैध गतिविधियों को छिपाने के लिए नागपुर को अपना हेडक्वार्टर बनाया था.
दुर्ग पुलिस की एक विशेष टीम ने फौरन नागपुर में दबिश देकर वहां से 8 अन्य गुर्गों को रंगे हाथों सट्टा संचालित करते हुए दबोच लिया. यह गिरोह उत्तर प्रदेश और बिहार के बेरोजगार युवकों को 20 से 25 हजार रुपये महीने की सैलरी पर रखकर उनसे बैंक खातों का मैनेजमेंट, रकम की जमा-निकासी और तकनीकी काम करवाता था.
पुलिसिया तफ्तीश में इस गिरोह के वित्तीय साम्राज्य को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. यह नेटवर्क रोजाना करीब 4 से 5 लाख रुपये और हर महीने औसतन डेढ़ करोड़ रुपये का अवैध लेन-देन कर रहा था. इस भारी-भरकम रकम को इधर-उधर करने के लिए फर्जी दस्तावेजों के जरिए जुटाए गए दर्जनों बैंक खातों, एटीएम और सिम कार्ड्स का इस्तेमाल किया जा रहा था.
मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी क्राइम यदुमणि सिदार ने बताया कि मुख्य आरोपी निशांत ने सट्टे की काली कमाई से भारी मात्रा में कीमती जेवरात खरीदे थे, जिन्हें बाद में भिलाई के महावीर ज्वेलर्स में गिरवी रखकर लोन लिया गया था. पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर वहां से करीब 23 लाख रुपये कीमत के 15 तोला सोने और डायमंड के गहने जब्त कर लिए हैं.
इस ताबड़तोड़ छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डिजिटल उपकरणों और नकदी का बड़ा जखीरा बरामद किया है.
जब्त सामानों में 26 स्मार्टफोन, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड, 45 चालू सिम कार्ड, 18 बैंक पासबुक, 85 एटीएम कार्ड और 1.54 लाख रुपये कैश समेत सट्टे के हिसाब-किताब के कई दस्तावेज शामिल हैं.
गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में अखिलेश यादव, पंकज यादव, आशीष जायसवाल, विशाल पटेल, शिवम चौहान और जयहिंद यादव (सभी उत्तर प्रदेश निवासी) तथा वेचन मुखिया और भागीरथ राम (दोनों बिहार निवासी) शामिल हैं, जो मोटी तनख्वाह के लालच में इस अवैध धंधे का हिस्सा बने हुए थे.