बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों पर बैठी जांच, 7 दिन में देगी रिपोर्ट
देहरादून । डेस्क: उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे और दान के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए आरोपों का संज्ञान लेते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच पैनल का गठन किया है.
समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के निर्देश पर गठित यह पैनल सीसीटीवी फुटेज, संबंधित कर्मचारियों के बयानों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की गहनता से जांच करेगा.
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रंघाड़ ने बताया कि यह मामला देश के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक और करोड़ों भक्तों की आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसकी गंभीरता को देखते हुए तुरंत कदम उठाए गए हैं. जांच समिति को पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सात दिनों के भीतर सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ 'श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम, 1939' और कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत सख्त कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
इसके साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं और आम जनता से अपील की है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक या असत्यापित जानकारी साझा न करें.
इस संवेदनशील मामले ने उत्तराखंड में एक बड़ा राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार पर तीखा हमला बोला है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इन आरोपों को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि पहले अयोध्या के राम मंदिर और अब बद्रीनाथ धाम में भ्रष्टाचार के आरोपों से सनातन धर्म के अनुयायियों की भावनाएं आहत हुई हैं.
उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है. शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मामले के विरोध में बागेश्वर के बागनाथ मंदिर परिसर में मौन प्रदर्शन भी किया.
वहीं दूसरी ओर, मंदिर समिति के अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों का भी खंडन किया है, जिसमें आरोपी कर्मचारी को उनका निजी सचिव बताया जा रहा था. उन्होंने साफ किया कि उक्त कर्मी एक नियमित सरकारी कर्मचारी है और जांच में सच्चाई सामने आने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.