इंडिगो एयरलाइंस संकट: 170+ उड़ानें रद्द, DGCA की जांच शुरू
नई दिल्ली । डेस्क: पिछले कुछ दिनों से इंडिगो एयरलाइंस एक के बाद एक उड़ानें रद्द कर रही है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है. कभी समय-सारिणी बदलनी पड़ रही है, तो कभी पूरी उड़ानें ही कैंसिल हो जा रही हैं. गुरुवार को भी स्थिति जस की तस रही. दिन की शुरुआत में ही कम से कम 65 उड़ानें रद्द हो गईं.
इस अराजकता के कारण जानने के लिए भारत की विमानन नियामक संस्था DGCA ने बुधवार को ही कंपनी से रिपोर्ट मांगी थी. लेकिन गुरुवार को भी हालात सुधरे नहीं. समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो की कम से कम 30 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि हैदराबाद एयरपोर्ट पर 33 उड़ानें प्रभावित रहीं. विभिन्न स्रोतों का दावा है कि गुरुवार को कुल मिलाकर 170 से अधिक उड़ानें रद्द हो सकती हैं.
इस स्थिति का त्वरित समाधान निकालने के लिए DGCA ने गुरुवार को संबंधित एयरलाइंस अधिकारियों की बैठक बुलाई. कंपनी को स्थिति कैसे बनी, इसकी जांच के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, वर्तमान परेशानी के सभी संभावित कारणों और उड़ान रद्द करने की संख्या कम करने के लिए की जा रही योजनाओं का लिखित ब्योरा जमा करने को कहा गया है.
बुधवार को ही इंडिगो की 200 से अधिक उड़ानें रद्द हुई थीं. इससे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा. नवंबर महीने में कंपनी ने कुल 1,232 उड़ानें रद्द कीं, जो एक गंभीर चिंता का विषय है.
इन अप्रत्याशित घटनाओं के लिए इंडिगो ने बुधवार को बयान जारी कर यात्रियों से माफी मांगी.
बयान में कहा गया, "हम मानते हैं कि पिछले दो दिनों में इंडिगो के संचालन में उल्लेखनीय व्यवधान हुआ है. हम अपने ग्राहकों से इस असुविधा के लिए हार्दिक क्षमा चाहते हैं. तकनीकी खराबी, शीतकालीन समय-सारिणी में बदलाव, प्रतिकूल मौसम, विमानन प्रणाली में बढ़ता भीड़भाड़ और विमान कर्मचारियों की संशोधित ड्यूटी समय-सारिणी जैसे कई अप्रत्याशित कारणों से हमारी सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है."
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने लागू हुई फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FD TL) के तहत एक विमान कर्मचारी को दिन में 8 घंटे, सप्ताह में 35 घंटे, महीने में 125 घंटे और साल में अधिकतम 1,000 घंटे काम करने की सीमा है.
इंडिगो के सूत्रों के अनुसार, इस नियम के लागू होने के बाद कर्मचारियों की कमी हो गई है. ऊपर से यात्रियों की संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त दबाव भी पड़ रहा है. इसी कारण पायलट और पर्याप्त केबिन क्रू की कमी से कई उड़ानें रद्द हो रही हैं या समय-सारिणी बदलनी पड़ रही है.