एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को हराकर जीता स्वर्ण पदक
नई दिल्ली । डेस्क: भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों के फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन चीन को 1-0 से हराकर एक नया इतिहास रच दिया है. इस शानदार जीत के साथ ही भारत ने 44 साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए एशियन गेम्स में अपना स्वर्ण पदक फिर से हासिल कर लिया है.
इस ऐतिहासिक जीत का दोहरा फायदा भारतीय टीम को मिला है, क्योंकि इसके साथ ही भारत ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालीफाई कर लिया है.
वर्ष 1982 के एशियाई खेलों में पहली बार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए यह पल बेहद खास है. 1982 की उस ऐतिहासिक जीत के बाद से भारतीय टीम ने कई बार शीर्ष पर पहुंचने की कोशिश की, लेकिन सफलता हाथ नहीं लग सकी.
भारत 1998 में दक्षिण कोरिया और 2018 में जापान से फाइनल मुकाबला हारकर रजत पदक से ही संतोष करने को मजबूर हुआ था. हालांकि, इस बार नई पीढ़ी की युवा खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी रणनीति और जज्बे के दम पर 44 साल पुरानी स्वर्णिम यादों को दोबारा ताजा कर दिया और भारत को एक बार फिर एशियाई हॉकी के शीर्ष पर पहुंचा दिया.