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भारत ने अल्पसंख्यक अधिकारों और प्रेस स्वतंत्रता पर डच चिंताओं को किया खारिज

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18 मई 2026, 07:08 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

सिबी जॉर्ज
सिबी जॉर्ज

द हेग । डेस्क: भारत और नीदरलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाए जाने के बीच, भारत ने अल्पसंख्यक अधिकारों और मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर डच मीडिया द्वारा उठाए गए सवालों पर कड़ा रुख अपनाया है. विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने द हेग में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन चिंताओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भारत ने लोकतांत्रिक सिद्धांतों से समझौता किए बिना अपनी आर्थिक प्रगति हासिल की है.


यह विवाद तब सामने आया जब डच मीडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान वहां के उप-प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के एक कथित बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि नीदरलैंड और यूरोपीय संघ भारत में मीडिया स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों को लेकर चिंतित हैं. 


हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि जेटेन ने यह टिप्पणी कहां की थी, लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस पर बेहद मुखरता से अपना पक्ष रखा.


सिबी जॉर्ज ने डच मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि इस तरह की चिंताएं भारत के प्रति समझ की कमी को दर्शाती हैं. उन्होंने भारत की धार्मिक, भाषाई और सांस्कृतिक विविधता का हवाला देते हुए कहा कि भारत चार प्रमुख धर्मों की जन्मस्थली रहा है और दुनिया के सभी बड़े धर्म यहां सदियों से फल-फूल रहे हैं. 


जॉर्ज ने उदाहरण देते हुए कहा कि यहूदी समुदाय पिछले 2500 वर्षों से भारत में बिना किसी उत्पीड़न के रह रहा है, जबकि ईसाई धर्म और इस्लाम भी बहुत शुरुआती दौर में ही भारत आ गए थे और उन्हें यहां पूरा सम्मान मिला.


प्रेस स्वतंत्रता के मुद्दे पर सचिव ने भारत में 90 करोड़ स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं का आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि देश में हर नागरिक को अभिव्यक्ति की आजादी और प्रेस को पूरी स्वतंत्रता हासिल है. 


उन्होंने कहा, "यही वजह है कि हमारा लोकतंत्र एक बेहद जीवंत और मुखर लोकतंत्र है, जिस पर हमें गर्व है. हम आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था हैं, जिसने पिछले 25 वर्षों में आठ प्रतिशत की विकास दर हासिल की है और यह सब हमने अपने लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखते हुए किया है."


इस वैचारिक मतभेद के इतर, प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के आर्थिक और तकनीकी संबंधों को एक नई ऊंचाई मिली. 


एक बड़े घटनाक्रम में, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने गुजरात के धोलेरा में एक बड़ा सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने के लिए डच टेक्नोलॉजी दिग्गज एएसएमएल (ASML) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए. इसके अलावा, जल प्रबंधन के क्षेत्र में डच विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए दोनों देशों के बीच कई अन्य समझौतों पर भी मुहर लगी.


दोनों देशों द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में पश्चिम एशिया के संकट पर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई. प्रधानमंत्री मोदी और डच नेतृत्व ने क्षेत्र में स्थायी शांति की उम्मीद जताई और होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से नौवहन की स्वतंत्रता और वैश्विक वाणिज्य के सुचारू प्रवाह का पुरजोर समर्थन किया.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP