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भारत, अमेरिका के नेतृत्व वाले 'पैक्स सिलिका' गठबंधन में शामिल हुआ

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20 फ़र. 2026, 02:47 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

अश्वनी वैष्णव
अश्वनी वैष्णव

नई दिल्ली । डेस्क: भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देते हुए भारत शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर 'पैक्स सिलिका' (Pax Silica) गठबंधन में शामिल हो गया है. अमेरिका के नेतृत्व वाले इस रणनीतिक गठबंधन का मुख्य उद्देश्य क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिजों) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए एक सुरक्षित और लचीली सप्लाई चेन तैयार करना है. 


नई दिल्ली में आयोजित हस्ताक्षर समारोह में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और भारत में अमेरिकी दूत सर्जियो गोर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.


यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों देश एक प्रस्तावित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने और पिछले कुछ समय के तनाव के बाद आपसी रिश्तों को प्रगाढ़ बनाने की कोशिश कर रहे हैं. अमेरिकी आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग ने इस गठबंधन पर खुशी जताते हुए कहा कि पैक्स सिलिका एक घोषणा है कि भविष्य उन लोगों का है जो निर्माण करते हैं और जब स्वतंत्र ताकतें हाथ मिलाती हैं.


पिछले साल दिसंबर में वॉशिंगटन में लॉन्च किए गए इस गठबंधन में ऑस्ट्रेलिया, जापान, इजरायल, दक्षिण कोरिया और यूके जैसे देश पहले से ही शामिल हैं. इस समझौते के तहत सदस्य देश सेमीकंडक्टर, कच्चे माल और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में गहरा आर्थिक और तकनीकी सहयोग करेंगे. 


गठबंधन का मानना है कि एक भरोसेमंद सप्लाई चेन और विश्वसनीय एआई सिस्टम भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और वैश्विक समृद्धि के लिए अनिवार्य हैं. भारत के शामिल होने से इस गठबंधन को दक्षिण एशिया में एक बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है.


गौरतलब है कि पैक्स सिलिका (Pax Silica) संयुक्त राज्य अमेरिका के नेतृत्व में शुरू की गई एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी अंतरराष्ट्रीय पहल है, जिसका नामकरण लैटिन शब्द 'Pax' (शांति) और 'Silica' (सेमीकंडक्टर चिप्स का आधार) को मिलाकर किया गया है. यह गठबंधन मुख्य रूप से 21वीं सदी की डिजिटल अर्थव्यवस्था और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया के लिए एक सुरक्षित, विश्वसनीय और पारदर्शी 'सिलिकॉन स्टैक' तैयार करने पर केंद्रित है. 


इसका व्यापक उद्देश्य कच्चे माल के खनन और महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण से लेकर अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर निर्माण, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और उन्नत एआई मॉडल तक की पूरी वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती प्रदान करना है. इस गठबंधन की स्थापना का एक मुख्य रणनीतिक लक्ष्य वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में किसी एक विशेष देश के एकाधिकार को समाप्त करना और आर्थिक निर्भरता को हथियार बनाने (Economic Coercion) जैसी चुनौतियों से निपटना है. 


पैक्स सिलिका यह सुनिश्चित करना चाहता है कि भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकें और उनके निर्माण के लिए आवश्यक संसाधन कुछ चुनिंदा हाथों में रहने के बजाय खुले, लोकतांत्रिक और प्रतिस्पर्धी बाजारों के बीच साझा किए जाएं. 


इस मंच के माध्यम से सदस्य देश आपस में संयुक्त निवेश, तकनीकी सुरक्षा मानकों के निर्धारण, अनुसंधान एवं विकास (R&D) में सहयोग और बाजार में होने वाली डंपिंग जैसी समस्याओं का मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. यह पहल न केवल आर्थिक समृद्धि के लिए बल्कि वैश्विक सुरक्षा और तकनीकी संप्रभुता को बनाए रखने के लिए भी एक अनिवार्य स्तंभ मानी जा रही है, जो भविष्य की 'एआई-संचालित समृद्धि' (AI-powered prosperity) के लिए एक टिकाऊ और स्थायी आर्थिक ढांचा तैयार करती है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP