'रिफॉर्म्स एक्सप्रेस' पर सवार हुआ भारत: प्रधानमंत्री मोदी
नई दिल्ली । डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 के समापन पर एक विशेष पोस्ट के जरिए देश की विकास यात्रा का लेखा-जोखा साझा करते हुए कहा है कि भारत अब 'रिफॉर्म्स एक्सप्रेस' पर सवार हो चुका है. प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने इस वर्ष उच्च महत्वाकांक्षा, तीव्र निष्पादन और गहरे परिवर्तन के संकल्प के साथ निर्णायक कदम उठाए हैं.
उन्होंने 2025 को एक ऐसे वर्ष के रूप में परिभाषित किया जिसे भविष्य में सुधारों को एक 'निरंतर राष्ट्रीय मिशन' बनाने के लिए याद किया जाएगा. पीएम मोदी के अनुसार, इस रिफॉर्म्स एक्सप्रेस का प्राथमिक इंजन भारत की जनसांख्यिकी, यहाँ की युवा पीढ़ी और देशवासियों का अदम्य साहस है, जो पिछले 11 वर्षों में तैयार की गई मजबूत नींव पर देश को आगे ले जा रहा है.
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में साल 2025 के दौरान लागू किए गए प्रमुख आर्थिक और प्रशासनिक सुधारों की विस्तृत सूची पेश की. उन्होंने विशेष रूप से वस्तु एवं सेवा कर (GST) प्रणाली के युक्तिकरण का उल्लेख किया, जिससे न केवल व्यापार सुगमता बढ़ी बल्कि त्योहारी सीजन के दौरान उपभोक्ता मांग और बिक्री में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला.
इसके अलावा, उन्होंने मध्यम वर्ग को मिली बड़ी राहत का जिक्र करते हुए बजट 2025 के उन प्रावधानों को रेखांकित किया जिसमें 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले व्यक्तियों को आयकर से मुक्त कर दिया गया है. साथ ही, दशकों पुराने 1961 के आयकर अधिनियम को हटाकर एक आधुनिक और सरल 'आयकर अधिनियम 2025' लागू करने को शासन के सरलीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया गया.
कॉर्पोरेट और निवेश के मोर्चे पर प्रधानमंत्री ने बताया कि 'लघु कंपनियों' की परिभाषा का विस्तार कर अब 100 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाली फर्मों को इसमें शामिल किया गया है, जिससे स्टार्टअप्स और एमएसएमई को बड़ी राहत मिली है.
बीमा क्षेत्र में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति देने के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बीमा पैठ गहरी होगी और आम लोगों को बेहतर सेवा व सुरक्षा के विकल्प मिलेंगे.
इसके अतिरिक्त, संसद में पेश किए गए प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक, सैकड़ों पुराने कानूनों की समाप्ति, गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (QCOs) में ढील और नए श्रम कोड के कार्यान्वयन जैसे कदमों ने भारत को वैश्विक निवेश के लिए एक आकर्षक केंद्र बना दिया है.
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि इन सुधारों का उद्देश्य केवल आधुनिकीकरण नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए दीर्घकालिक और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है.