India-EU Trade Deal: 96% यूरोपीय उत्पादों के दाम घटेंगे, जनता फायदे में
नई दिल्ली । डेस्क: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आखिरकार संपन्न हो गया है. करीब 18 वर्षों की बातचीत के बाद हुए इस समझौते से भारत में यूरोप से आने वाले 96.6 प्रतिशत उत्पादों पर आयात शुल्क या तो पूरी तरह हट जाएगा या उसमें भारी कटौती की जाएगी.
इसके चलते यूरोपीय उत्पादों पर सालाना करीब 400 करोड़ यूरो तक के शुल्क की बचत होगी और भारतीय बाजार में कई वस्तुएं सस्ती होंगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को ‘सभी व्यापार समझौतों की जननी’ बताया है. उनके मुताबिक इस डील से भारत और यूरोपीय संघ के 27 देशों के करीब 190 करोड़ उपभोक्ताओं को लाभ होगा. समझौते के तहत भारत के लगभग 90 प्रतिशत उत्पादों को यूरोप में बिना शुल्क के निर्यात की अनुमति मिलेगी, वहीं भारत ने भी यूरोपीय उत्पादों पर आयात शुल्क में बड़ी राहत दी है.
कौन-कौन सी चीजें होंगी सस्ती?
औद्योगिक मशीनरी और उपकरण
उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी, बिजली उपकरण और ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े उच्च गुणवत्ता वाले पुर्जों पर लगने वाला अधिकतम 44 प्रतिशत शुल्क घटकर शून्य हो जाएगा. इससे उत्पादन लागत कम होगी और अंतिम उत्पाद सस्ते हो सकते हैं.
मेडिकल उपकरण
सबसे बड़ा लाभ स्वास्थ्य क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है. मेडिकल उपकरणों के करीब 90 प्रतिशत उत्पादों पर शुल्क 27.5 प्रतिशत से घटाकर शून्य किया जाएगा. इससे डायग्नोस्टिक मशीनें, सर्जिकल उपकरण और अन्य चिकित्सा संसाधन सस्ते होंगे, जिसका असर अस्पताल खर्चों पर भी पड़ेगा.
शराब और बीयर
यूरोप से आयातित व्हिस्की, वाइन और बीयर की कीमतों में उल्लेखनीय कमी आ सकती है.
प्रीमियम वाइन पर शुल्क 150% से घटकर 20%
स्पिरिट्स पर शुल्क 150% से घटकर 40%
बीयर पर शुल्क 110% से घटकर 50%
इससे स्कॉच और यूरोपीय बीयर ब्रांड भारतीय उपभोक्ताओं के लिए अधिक किफायती हो सकते हैं.
यूरोपीय कारें
BMW और मर्सिडीज-बेंज़ जैसी यूरोपीय कारों पर आयात शुल्क 110 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत तक लाया जा सकता है, हालांकि यह रियायत सीमित संख्या में आयातित कारों पर लागू होगी.
खाद्य पदार्थ और प्रोसेस्ड फूड
जैतून का तेल, वनस्पति तेल, बिस्कुट, पास्ता, चॉकलेट, पेस्ट्री और पालतू जानवरों के भोजन जैसे प्रोसेस्ड फूड पर शुल्क हटाया जाएगा. अभी इन पर 50 प्रतिशत तक शुल्क लगता है. फल-रस, नॉन-अल्कोहलिक बीयर, कीवी और नाशपाती जैसे फलों की कीमतों में भी कमी आ सकती है.
अन्य उत्पाद
प्लास्टिक, केमिकल्स, पैकेजिंग सामग्री, भेड़ का मांस और मांस-उत्पादों पर भी शुल्क घटेगा, जिससे रोजमर्रा की कई वस्तुएं सस्ती हो सकती हैं.
कब से लागू होगा समझौता?
हालांकि समझौता हो चुका है, लेकिन इसके पूरी तरह लागू होने में समय लगेगा. इसे यूरोपीय संसद की मंजूरी मिलनी बाकी है. जानकारों के अनुसार 2027 की शुरुआत से नई कर-छूट चरणबद्ध तरीके से लागू हो सकती है. इसलिए सभी उत्पादों की कीमतों में तुरंत कमी आने की उम्मीद करना फिलहाल जल्दबाज़ी होगी.