INDIA गठबंधन संसद में विदेश नीति पर सवाल करेगी
नई दिल्ली । डेस्क: विपक्षी गठबंधन INDIA की 24 पार्टियों ने शनिवार को एक वर्चुअल बैठक में संसद के मॉनसून सत्र के लिये अपनी रणनीति तय की है. यह सत्र 21 जुलाई से शुरू हो रहा है.
बैठक में पहलगाम आतंकी हमले, जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा, बिहार में चुनावी मतदाता सूची के विशेष संशोधन और संसदीय सीटों के परिसीमन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. विपक्ष ने सरकार की विदेश नीति को 'नाकामी' करार देते हुये इस पर सवाल उठाने का फैसला किया.
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे सहित कई नेता शामिल हुये.
सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष ने पहलगाम आतंकी हमले के दोषियों को पकड़ने में सरकार की विफलता और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत-पाकिस्तान के बीच 'शांति मध्यस्थता' के दावों पर सरकार के मौन को प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया है.
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, "140 करोड़ भारतीयों के गौरव से जुड़ा सवाल है कि पहलगाम आतंकी हमले के दोषियों को अब तक क्यों नहीं पकड़ा गया. सरकार ने खुद 'खुफिया नाकामी' स्वीकार की है."
उन्होंने कहा कि ट्रम्प ने कम से कम 24 बार दावा किया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित करने के लिये अमरीका के व्यापारिक समझौते का इस्तेमाल किया, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर चुप हैं. विपक्ष इस मुद्दे को संसद में जोर-शोर से उठयेगा.
जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा और अन्य मुद्दे
जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग भी सत्र में प्रमुखता से उठाई जायेगी. उमर अब्दुल्ला ने कहा कि विपक्ष को इस मांग पर दृढ़ रहना होगा. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने हाल ही में इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था. इसके अलावा, बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष संशोधन के खिलाफ विपक्ष सड़क पर उतरकर विरोध करेगा.
विदेश नीति पर तीखे सवाल
मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक की शुरुआत में कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में सरकार की विदेश नीति की नाकामी को उजागर करना जरूरी है. राहुल गांधी ने संक्षेप में कहा कि भारत की हालिया विदेश नीति की विफलताये पाहलगाम हमले से गहराई से जुड़ी हैं. विपक्ष गाजा पर इजरायल के हमलों के खिलाफ भारत के रुख पर भी सवाल उठयेगा. तिवारी ने कहा, "हम चाहते हैं कि इन मुद्दों पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री संसद में मौजूद रहें."
तृणमूल कांग्रेस की मौजूदगी और अन्य चर्चायें
यह अटकल थी कि तृणमूल कांग्रेस बैठक में हिस्सा नहीं लेगी, लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बैठक में हिस्सा लिया. सूत्रों के मुताबिक, बनर्जी ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल द्वारा 'खुफिया नाकामी' की बात स्वीकार करने के बावजूद खुफिया ब्यूरो के प्रमुख तपन डेका को सेवा विस्तार देने पर सवाल उठाये.
परिसीमन और अन्य मुद्दों पर चिंता
कई दक्षिणी राज्यों ने परिसीमन के मुद्दे पर चिंता जताई, क्योंकि इससे उनकी संसदीय सीटें कम हो सकती हैं. CPI महासचिव डी. राजा ने राहुल गांधी के हाल के उस बयान पर आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने CPI(M) और RSS की तुलना की थी. उन्होंने कहा कि ऐसे बयान गठबंधन में मतभेद और जनता में भ्रम पैदा कर सकते हैं.
भविष्य की रणनीति
विपक्षी दलों ने जल्द ही एक व्यक्तिगत बैठक करने का फैसला किया. रविवार को सरकार द्वारा आयोजित सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय फ्लोर नेताओं की एक और बैठक हो सकती है.