नक्सलवाद से सबसे अधिक प्रभावित 3 जिले छत्तीसगढ़ में
नई दिल्ली । पीआईबी: मोदी सरकार के 'नक्सल मुक्त भारत' बनाने के संकल्प की दिशा में बड़ी सफलता मिली है. केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 15 अक्टूबर 2025 को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नक्सलवाद से सबसे अधिक प्रभावित जिलों की संख्या 6 से घटकर केवल 3 रह गई है. ये तीनों जिले - बीजापुर, सुकमा, और नारायणपुर - छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित हैं, जो अब वामपंथी उग्रवाद (LWE) से सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं.
वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों की संख्या में कमी
वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या भी 18 से घटकर केवल 11 रह गई है. सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद की समस्या को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा है.वर्ष 2013 में विभिन्न राज्यों के 126 जिलों में नक्सल-संबंधी हिंसा रिपोर्ट की गई थी, जबकि मार्च 2025 तक यह संख्या घटकर केवल 18 जिलों तक सीमित रह गई थी.
रिकॉर्ड तोड़ नक्सल विरोधी अभियान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह अमित शाह के मार्गदर्शन में इस वर्ष नक्सल विरोधी अभियानों ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.
इन अभियानों में 312 वामपंथी कैडरों को मार गिराया गया है, जिनमें सीपीआई (माओवादी) के महासचिव और पोलित ब्यूरो/केन्द्रीय समिति के 08 अन्य सदस्य शामिल हैं.
836 वामपंथी कैडरों को गिरफ्तार किया गया है.
1639 कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आत्मसमर्पण किया है, जिनमें एक पोलित ब्यूरो सदस्य और एक केन्द्रीय समिति सदस्य शामिल हैं.
बहुआयामी दृष्टिकोण आधारित राष्ट्रीय कार्य योजना
मोदी सरकार ने बहुआयामी दृष्टिकोण पर आधारित राष्ट्रीय कार्य योजना और नीति को कठोरता से लागू कर नक्सल खतरे से निपटने में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है. इस कार्य योजना में शामिल हैं:
जन-हितैषी LWE अभियानों पर आधारित सटीक आसूचना.
सुरक्षा वेक्यूम वाले क्षेत्रों में त्वरित डॉमिनेशन.
शीर्ष नेताओं और ओवर ग्राउन्ड कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना.
बुनियादी ढांचे का तीव्र विकास और कल्याणकारी योजनाओं को पूरी तरह लागू कराना.
वित्तीय संसाधनों को पूरी तरह बंद करना.
राज्यों एवं केन्द्र सरकारों के बीच बेहतर समन्वय.
माओवाद संबंधित मामलों की त्वरित जांच और अभियोजन.
वर्ष 2010 में जिसे भारत की "सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती" कहा गया था, वह नक्सलवाद अब स्पष्ट रूप से कमजोर हो चुका है. हाल ही में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली तथा छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने हथियार के साथ आत्मसमर्पण किया है.