नारायणपुर में समावेशी विकास होगा- केंद्रीय मंत्री
रायपुर । संवाददाता: केंद्रीय संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासनी चंद्र शेखर ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में केंद्र सरकार के त्वरित विकास के प्रति दृढ़ संकल्प को दोहराया. यह बयान उन्होंने महत्वाकांक्षी जिला कार्यक्रम (एडीपी) के तहत अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान दिया.
डॉ. पेम्मासनी ने नारायणपुर को "राष्ट्रीय विकास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव" बताते हुए इसे परिवर्तन का इंजन करार दिया.
उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचा, वित्तीय समावेशन और आजीविका जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्रगति की समीक्षा की और समन्वय-आधारित शासन तथा कल्याणकारी योजनाओं की पूर्ण संतृप्ति पर जोर दिया.
मंत्री ने अपनी यात्रा की शुरुआत खड़का गांव में 'एक पेड़ माँ के नाम' पहल के तहत वृक्षारोपण से की.
स्थानीय आदिवासी समुदाय ने उनका पारंपरिक संगीत और नृत्य के साथ स्वागत किया. इस दौरान उन्होंने स्वदेशी संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ समावेशी विकास की आवश्यकता पर बल दिया.
समीक्षा बैठक में डॉ. पेम्मासनी ने डेटा आधारित निर्णय लेने, विभागों के बीच समन्वय और समयबद्ध कार्यान्वयन को महत्वपूर्ण बताया.
उन्होंने कहा, "नक्सल-मुक्त भारत अभियान के तहत नारायणपुर 31 मार्च, 2026 तक नक्सल-मुक्त होने की दिशा में अग्रसर है. विकास, विश्वास और समुदाय की भागीदारी शांति के लिये आधारशिला हैं."
मंत्री ने खड़का में नवनिर्मित पीएमजीएसवाई सड़क का निरीक्षण किया और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की लाभार्थी श्रीमती पार्वती पोताई के घर जाकर उनसे मुलाकात की. उन्होंने एमजीएनरेगा जैसी योजनाओं के समन्वय से स्थायी और सम्मानजनक आवास प्रदान करने की सराहना की.
गरंजी शिक्षा हब में उन्होंने परियाना पहल की प्रशंसा की, जो अबुझमाड़ क्षेत्र के आदिवासी छात्रों को मुफ्त जेईई/नीट कोचिंग प्रदान करती है.
इसके अलावा, उन्होंने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिये आवासीय छात्रावास का दौरा किया और सुगम्य भारत अभियान के तहत समावेशी शिक्षा के प्रयासों को सराहा.
डॉ. पेम्मासनी की यात्रा ने केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी जिलों पर रणनीतिक फोकस को रेखांकित किया, जो सहानुभूतिपूर्ण, जवाबदेह और समावेशी शासन के मॉडल के माध्यम से बुनियादी ढांचे के विकास को मानव और संस्थागत क्षमता निर्माण के साथ जोड़ता है.