महिला आरक्षण कानून 2023 को लागू करें- टीएस सिंहदेव
अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने महिला आरक्षण कानून के कार्यान्वयन में हो रही देरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि साल 2023 में संसद से सर्वसम्मति से पारित होने के बावजूद सरकार इसे जमीन पर उतारने की इच्छुक नहीं दिख रही है.
सिंहदेव ने मांग की है कि इस कानून को भविष्य की जनगणना या परिसीमन के भरोसे छोड़ने के बजाय वर्तमान सीटों के आधार पर ही तत्काल प्रभावी किया जाना चाहिए.
सिंहदेव ने भारतीय जनता पार्टी पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ही महिलाओं को पंचायती राज और सरकारी नौकरियों में आरक्षण देकर सशक्त बनाया गया था.
उन्होंने दक्षिण भारतीय राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि आबादी के आधार पर सीटें बढ़ाने की योजना उन राज्यों के प्रतिनिधित्व को कम करने की एक साजिश है, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर कार्य किया है. उनके अनुसार, इसी राजनीतिक पेच के कारण आरक्षण को लागू करने में देरी हो रही है.
छत्तीसगढ़ की स्थानीय राजनीति पर टिप्पणी करते हुए पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है. एक तरफ शिक्षकों की भर्ती के दावे किए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ स्कूलों को बंद किया जा रहा है.
उन्होंने दावा किया कि यदि कांग्रेस सत्ता में लौटती है, तो शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने 'नारी वंदन योजना' को कांग्रेस के मॉडल की नकल बताते हुए इसे भाजपा का चुनावी स्टंट करार दिया.