देश में कितनी गाड़ियां E20 योग्य? सरकार बोली- कोई आंकड़ा नहीं
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि देश में सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों में से कितने वाहन E20 पेट्रोल के पूरी तरह अनुकूल हैं, इसका कोई आधिकारिक आंकलन नहीं किया गया है. राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने भारी उद्योग मंत्रालय के हवाले से यह जानकारी दी.
वाहन उद्योग संगठन (SIAM) और विभिन्न अध्ययनों के अनुसार 2023 से पहले बिके अधिकांश दोपहिया और चार पहिया वाहन E5 या E10 पेट्रोल के हिसाब से डिजाइन किए गए थे, जिससे पुरानी गाड़ियों में इंजन क्षमता और रखरखाव को लेकर उपभोक्ताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं.
हालांकि, सरकार ने E20 ईंधन को वाहनों के लिए पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित बताया है.
मंत्री ने कहा कि नीति आयोग, ARAI और SIAM जैसी तकनीकी संस्थाओं की देखरेख में हुए परीक्षणों से साबित हुआ है कि E20 के इस्तेमाल से पुराने वाहनों के प्रदर्शन में कोई बड़ा नुकसान या असामान्य टूट-फूट नहीं होती.
सरकार ने स्वीकार किया कि E10 के लिए बनी गाड़ियों में E20 का उपयोग करने से माइलेज में 3 से 5 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है, लेकिन इससे कार्बन उत्सर्जन में लगभग 30 प्रतिशत की गिरावट आती है और इंजन को बेहतर ऑक्टेन रेटिंग मिलती है.
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इथेनॉल निर्माण के लिए खाद्यान्न सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है और केवल अधिशेष अनाज व कृषि उत्पादों का ही उपयोग इथेनॉल निर्माण में किया जाता है.