रिश्वत लेकर अकड़ दिखाने वाला प्रधान आरक्षक सस्पेंड
जांजगीर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से खाकी को दागदार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां जमीन पर कब्जा दिलाने के एवज में रिश्वत लेने वाले एक हेड कांस्टेबल को पुलिस कप्तान ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. आरोपी प्रधान आरक्षक का नाम रमेश त्रिपाठी है, जो पंतोरा चौकी में तैनात था. विभागीय कार्रवाई के साथ ही उसे लाइन हाजिर भी कर दिया गया है.
इस पूरे गंभीर प्रकरण की कमान अब उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) प्रदीप सोरी को सौंपी गई है, जो मामले की विस्तृत जांच करेंगे.
यह सख्त एक्शन सोशल मीडिया पर एक वीडियो के तेजी से वायरल होने के बाद लिया गया, जिसमें आरोपी पुलिसकर्मी की भारी हेकड़ी देखने को मिल रही थी.
वीडियो में प्रधान आरक्षक रमेश त्रिपाठी तत्कालीन चौकी प्रभारी दिलीप सिंह से भी बातचीत करता दिख रहा है और कह रहा है कि 'आप लोगों ने जो दीवार तोड़ा था, उसके पैसे दिए गए थे.' जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे तो प्रधान आरक्षक ने साफ इनकार करते हुए खुलेआम चुनौती दे डाली.
उसने वीडियो में कहा, "एसपी से शिकायत करनी है तो कर दो, मैं पैसे वापस नहीं करूंगा. चाहे तो मुझे लाइन अटैच करा दो, उसके लिए 10 हजार रुपए मैं अपनी जेब से दे दूंगा, लेकिन तुम कुछ भी कर लो रकम वापस नहीं होगी."
पूरा मामला जमीन पर अवैध रूप से कब्जा दिलाने से जुड़ा हुआ है. पीड़ित विकास देवांगन से प्रधान आरक्षक ने इस काम के बदले कुल 40 हजार रुपए की घूस मांगी थी. विकास ने किस्तों में पूरी रकम (पहले 30 हजार और बाद में बचे हुए 10 हजार रुपए) रमेश त्रिपाठी को सौंप दी.
हालांकि, मोटी रकम ऐंठने के बावजूद जब पीड़ित को जमीन पर कब्जा नहीं मिला, तो उसने अपनी गाढ़ी कमाई वापस मांगनी शुरू की.
इसके बाद आरोपी पुलिसकर्मी अपनी औकात और रसूख दिखाने लगा. मामला जब जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के संज्ञान में आया और उन्होंने वायरल वीडियो की सत्यता देखी, तो अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को तुरंत सस्पेंड कर दिया.