हाफिज सईद पाकिस्तान में छिपा है- NIA
जम्मू । डेस्क: लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक और भारत के सबसे वांछित आतंकवादियों में शामिल हाफिज सईद के खिलाफ जम्मू स्थित विशेष एनआईए अदालत ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है. केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी समूहों को हथियार, धन और निर्देश मुहैया कराने से जुड़े एक मामले में अदालत ने सईद के खिलाफ दूसरा गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अदालत को बताया कि आरोपी हाफिज सईद इस समय पाकिस्तान में मौजूद है और जानबूझकर अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए वहां छिपा हुआ है.
एनआईए की इस याचिका पर सुनवाई करते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 75 के तहत कार्रवाई की गई. एनआईए मामलों के विशेष न्यायाधीश प्रेम सागर ने 8 सितंबर को दिए अपने आदेश में कहा कि जांच के दौरान हाफिज सईद की संलिप्तता और आतंकवाद में उसकी भूमिका सामने आई है.
अदालत ने पाया कि आरोपी फरार चल रहा है और सामान्य तरीकों से उसकी उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की जा सकी है, जिसके बाद उसके खिलाफ यह सामान्य गैर-जमानती वारंट जारी किया गया.
यह मामला श्रीनगर के बाहरी इलाके पंडाछ में चेकिंग के दौरान बटपोरा निवासी मोहम्मद नकीब भट की गिरफ्तारी के बाद दर्ज जांच से जुड़ा है. भट के पास से चीन निर्मित ग्रेनेड और 15 कारतूस बरामद किए गए थे, जिसके बाद ज़ाकूरा पुलिस स्टेशन में यूएपीए (UAPA), आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ था.
इस कार्रवाई से एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ, जिसके तार लश्कर-ए-तैयबा, उसके सहयोगी संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) और पाकिस्तान के आतंकवादियों से जुड़े पाए गए. जांच में यह बात सामने आई कि पाकिस्तान में मौजूद हाफिज सईद ही इन आतंकियों को लगातार दिशा-निर्देश, हथियार और वित्तीय सहायता पहुंचा रहा था.
विशेष एनआईए अदालत द्वारा पिछले दो महीनों के भीतर हाफिज सईद के खिलाफ जारी किया गया यह दूसरा गैर-जमानती वारंट है. इससे पहले 8 जुलाई को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के संबंध में भी अदालत ने सईद के खिलाफ पहला वारंट जारी किया था-उस हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की जान चली गई थी.