अंबिकापुर में GST कर चोरी पकड़ाई
रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में स्टेट जीएसटी विभाग ने कर चोरी के खिलाफ दो बड़े व्यवसायियों पर कड़ी कार्रवाई की है.
जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति में जानकारी दी गई कि 29 मई 2025 को स्टेट जीएसटी विभाग, अंबिकापुर ने मेसर्स बंसल ट्रेडिंग कार्पोरेशन के व्यवसाय स्थल पर जांच की. भारत सरकार के जीएसटी पोर्टल के अनुसार, इस फर्म का रिस्क स्कोर 10 था, जो कर अपवंचन की ओर इशारा करता है. जांच के दौरान व्यवसाय स्थल पर कोई लेखा पुस्तक या टैली जैसे सॉफ्टवेयर का रखरखाव नहीं पाया गया, जिससे कर चोरी की आशंका और पुष्ट हुई.
जांच में सामने आया कि वर्ष 2017-18 से 2024-25 तक फर्म का कुल टर्नओवर 158 करोड़ रुपये से अधिक रहा, लेकिन इस पर कोई नगद कर भुगतान नहीं किया गया. ई-वे बिल की जांच में पता चला कि वर्ष 2023-24 में 29.50 करोड़ रुपये की खरीदी के मुकाबले केवल 50 लाख रुपये की सप्लाई दिखाई गई. इससे संकेत मिलता है कि माल आम उपभोक्ताओं को बेचा गया, लेकिन बिल अन्य व्यवसायियों को बेचकर बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाया गया. इससे केंद्र और राज्य सरकार को कर राजस्व में भारी नुकसान हुआ.
व्यवसायी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए स्वैच्छिक रूप से 40 लाख रुपये का कर भुगतान करने की मंशा जताई, लेकिन अभी तक कोई दस्तावेज या जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है.
इसी तरह 30 और 31 मई 2025 को मेसर्स लक्ष्मी ट्रेडर्स, अंबिकापुर के व्यवसाय स्थल पर भी स्टेट जीएसटी विभाग ने जांच की. जांच में पाया गया कि वर्ष 2017-18 से 2024-25 तक फर्म का टर्नओवर 96 करोड़ रुपये से अधिक रहा, लेकिन नगद कर भुगतान नगण्य था. ई-वे बिल की जांच में सामने आया कि वर्ष 2023-24 में 11 करोड़ रुपये की खरीदी के मुकाबले केवल 7 करोड़ रुपये की सप्लाई दर्ज की गई.
इस मामले में व्यवसायी ने अपनी गलती स्वीकार की और 17.55 लाख रुपये का कर स्वैच्छिक रूप से जमा किया. इस फर्म के खिलाफ पहले कोई कार्रवाई नहीं की गई थी.
स्टेट जीएसटी विभाग ने कर चोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं और दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है. विभाग ने व्यवसायियों से लेखा पुस्तकें और दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है ताकि कर अपवंचन की पूरी हद का पता लगाया जा सके.